इसी बीच कुलदीप सिंह राठौर को भी नई दिल्ली बुला लिया गया। राठौर ने बताया कि हाईकमान की ओर से उन्हें अध्यक्ष बनाए जाने की सूचना उस वक्त मिली, जब वह दिल्ली जाते समय चंडीगढ़ पहुंचे थे।
पीसीसी अध्यक्ष सुक्खू लंबे वक्त से कांग्रेस के दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह के निशाने पर चल रहे थे। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता आनंद शर्मा का करीबी होने के बावजूद सुक्खू को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाया गया है।
हालांकि खास यह है कि वीरभद्र की पसंद न होने के बावजूद आनंद शर्मा के ही करीबी कुमारसैन के कुलदीप सिंह राठौर को नया अध्यक्ष बनाया गया है। सुक्खू नादौन क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक भी हैं।
उन्हीं के पार्टी अध्यक्ष रहते हिमाचल में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद माना जा रहा था कि हिमाचल कांग्रेस में बदलाव होगा।
छह साल पहले विधायकी गंवाने के बावजूद युवा नेता सुक्खू को पीसीसी अध्यक्ष बनाकर पार्टी आलाकमान ने कई बडे़ नेताओं को चौंका दिया था। इसके बाद से ही सुक्खू और वीरभद्र में खींचतान चलती रही।
कुलदीप सिंह राठौर के पास संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है। उनके पास संगठन की कई अन्य जिम्मेदारियां भी रहीं। राठौर ने 1978 में एनएसयूआई ज्वाइन की। वह 1981 से लेकर 1987 तक एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष रहे।
वह केंद्रीय छात्र संघ में 1979-80 में अध्यक्ष चुने गए। वह कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता और मीडिया एवं फ्रंटल संगठनों के प्रमुख रह चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कसुम्पटी और ठियोग निर्वाचन क्षेत्रों से कांग्रेस के टिकट के दावेदार भी रहे।
नवनियुक्त कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं। पार्टी ने मुझ पर विश्वास जताया है, इसके लिए मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी का आभारी हूं। जो जिम्मेवारी मुझे सौंपी है, उसे वह बखूबी निभाएंगे।
पार्टी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को एक बैनर तले लाया जाएगा। लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं। हिमाचल के चारों लोकसभा सीटों में कांग्रेस के उम्मीदवारों को जीत दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। पार्टी की मजबूती के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का सहयोग लिया जाएगा।
हाईकमान का फैसला सराहनीय : वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कुलदीप सिंह राठौर के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने से हिमाचल में पार्टी को मजबूती मिलेगी। आगामी लोकसभा चुनाव के चलते हाईकमान का यह फैसला सराहनीय है। उन्होंने इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल और सोनिया गांधी का आभार जताया।