राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में जल्दी ही जीरो ऑवर शुरू हो सकता है। राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि आने वाले वक्त में ऐसा हो सकता है। इस पर गंभीरता से विचार हो रहा है। पठानिया ने कहा कि वैसे तो प्वांइट ऑफ ऑर्डर भी शून्यकाल का ही दूसरा नाम है। यह उल्लेखनीय है कि प्रदेश विधानसभा में लोकसभा की तरह जीरो ऑवर नहीं होने से इससे संबंधित विषय व्यवस्था का प्रश्न यानी प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के नियम के तहत ही उठाए जाते हैं। शनिवार को राज्य विधानसभा परिसर में हुई पत्रकार वार्ता में स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधानसभा अध्यक्षों के अभी दो सम्मेलन हुए हैं। एक जयपुर और एक अन्य सिक्किम में हुआ है। जीरो ऑवर का यह मामला गंभीरता से विचाराधीन है। अगर इसे शुरू किया जाए तो इसकी सीमा क्या हो।
यह विषय वहां पर किस प्रकार से उठे। यह न हो कि जीरो ऑवर विधानसभा ऑवर बन जाए। सारे की सारी कार्यवाही जीरो ऑवर में ही उठाने लग जाएं। इसलिए इसे सीमित करने की जरूरत है। जो मामले किसी नियम की परिधि में नहीं आते हैं या ऐसा ही कोई अन्य विषय हो तो उसे जीरो ऑवर में उठाया जा सकेगा। ऐसा कोई भी विषय जिसे नियम इजाजत नहीं देता हो, उसे जीरो ऑवर में उठाया जा सकेगा। वैसे तो जीरो ऑवर की परिकल्पना ही यही है, पर कई बार मकसद कुछ और होता है और विषय उठाने की बात कुछ और होती है। व्यवस्था के प्रश्न के नाम से भी ऐसे ही विषय उठते हैं। यह मालूम रहे कि सोमवार को होने जा रहे बाल सत्र में भी बाल विधायक जीरो ऑवर में कई विषय उठाएंगे, जबकि इसी विधानसभा में विधायकों के लिए जीरो ऑवर की अभी व्यवस्था नहीं है, जिस पर विचार हो रहा है।
ये भी पढ़ें: HP Assembly Children Session: बाल सत्र के लिए जाह्नवी चुनीं मुख्यमंत्री, इस दिन करेंगी अपनी कैबिनेट का विस्तार