गुड़िया से दुराचार और हत्या मामले में सीबीआई जांच में सहयोग करते हुए हलाइला तथा महासू गांवों के पांच बागवानों ने स्वेच्छा से ब्लड सैंपल दिए। इसके बाद बागवान बोले - हमसे जो मर्जी ले लो, मगर गुड़िया को इंसाफ दिलाओ। बागवानों ने सीबीआई को रक्त के नमूने राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में दिए।
घंटों पूछताछ में इन्होंने सीबीआई के सवालों के जवाब भी दिए। सीबीआई ने स्कूल में चल रहे टूर्नामेंट के गेम इंचार्ज को भी बुलाया था। शारीरिक शिक्षक के रूप में एक स्कूल में तैनात गेम इंचार्ज से भी रक्त का नमूना लिया गया। रक्त के नमूने लेने से पहले उनसे लिखित में पूर्वानुमति ली गई। सीबीआई ने रविवार को कोटखाई के पूर्व एसएचओ और दो अन्य पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की।
सीबीआई के बुलावे पर छह बागवान पीटरहॉफ पहुंचे। इनमें चार युवक थे तो दो उम्रदराज बागवान थे। इनमें से चार हलाइला और दो महासू गांव से थे। ये टूर्नामेंट वाले दिनों में और चार जुलाई को स्कूल के आसपास मौजूद थे। इसलिए इन्हें बुलाया गया। सीबीआई ने इनसे ब्लड सैंपल देने की बात कर पूछा कि उनमें से पांच बागवानों और एक गेम इंचार्ज को कोई एतराज नहीं था।
अधिकतर बागवान सैंपल देने को बाजू आगे कर बोले - उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। बागवानों ने सीबीआई से कहा कि घटना के बाद उनका इलाका बहुत बदनाम हो चुका है। ये दाग तभी धुलेगा, जब असली दुराचारी और कातिल सलाखों के पीछे होंगे। सीबीआई ने इन बागवानों से इस घटना का कोई सुराग देने को भी कहा। बागवानों ने बताया कि अगर उन्हें कुछ मालूम होता तो अब तक अपराधी क्या बाहर घूम रहे होते।
एक उम्रदराज बागवान ने नमूने देने से किया इंकार
सीबीआई को एक उम्रदराज बागवान ने अपने नमूने देने से इंकार किया। सूत्रों ने बताया कि इस बागवान का कहना था कि जब उसका कोई लेना-देना ही नहीं है तो वह क्यों खून निकलवाए। पहले से ही उसमें कम खून है। इससे सेहत को नुकसान होगा।
गुड़िया के शव से मिले डीएनए से नमूनों का मिलान करेगी टीम
सीबीआई गुड़िया के शव से लिए डीएनए से उन सभी लोगों के डीएनए का मिलान करेगी, जिनसे रक्त के नमूने लिए हैं। अब तक करीब दो दर्जन उन लोगों के रक्त के नमूने लिए हैं, जो घटना के दौरान उस क्षेत्र में थे। उन पांच आरोपियों के ब्लड सैंपल पहले ही लिए जा चुके हैं।
मामले में जिन लोगों को पुलिस ने आरोपी बनाया है, उनसे गुड़िया में मिले जैविक पदार्थ से निकला डीएनए क्या मैच नहीं किया है या इसकी प्रक्रिया चल रही है? क्या इसे मैच किए बगैर अन्य लोगों के नमूने लेने की प्रक्रिया चली है? सीबीआई अभी इस राज को नहीं खोल रही है। नए लोगों के सैंपल शायद इसीलिए लिए जा रहे हैं कि सीबीआई को किसी और के भी इस अपराध में संलिप्त होने का संदेह है।
मौके के आसपास मौजूद तमाम लोगों के ब्लड सैंपल लेगी सीबीआई
सीबीआई की ब्लड सैंपल लेने की प्रक्रिया आगामी दिनों में भी जारी रहेगी। ये सैंपल घटना से पहले और बाद इस क्षेत्र में मौजूद रहे तमाम लोगों के लिए जा सकते हैं। इन तमाम नमूनों से कातिल के डीएनए का मिलान होगा। अगर ये मिलान हो गया तो गुड़िया मामले की गुत्थी एकदम सुलझ जाएगी।