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गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड: मास्टरमाइंड की करतूत मान रही है CBI, पढ़िए कैसे

Thu, 27 Jul 2017 02:45 PM IST
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, दांदी जंगल (हलाइला)
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गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड किसी सामान्य अपराधी का काम नहीं है, बल्कि ये किसी मास्टर माइंड का ही काम है। सीबीआई ने शुरुआती छानबीन में इस बात को मान लिया है।
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एक बागवान के नौकर राजू को असल मुजरिम साबित करने के ठोस सबूत जुटाने या मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। 

हालांकि, केंद्रीय जांच ब्यूरो की यह विशेष टीम पुलिस तफ्तीश में निकली कहानी को भी सिरे से खारिज नहीं कर रही है, बल्कि फिलहाल इसी छानबीन को आधार बनाकर इसे पुष्ट करने के साक्ष्य ढूंढ रही है। 
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सबूत मैच नहीं करने पर ही सीबीआई अपनी जांच को नई दिशा देगी। इसी बीच सीबीआई संदिग्धों की फोन कॉल डिटेल से लेकर तमाम साइंटिफिक एविडेंस जुटाने में लगी है।

CBI के हाथ लगा अहम सूत्र, आशीष से पूछताछ जारी
सीबीआई ने गुड़िया मर्डर केस के आरोपी आशीष को बुधवार को ठियोग कोर्ट में पेश किया। सीबीआई ने अतिरिक्त दंडाधिकारी हरमेश कुमार की कोर्ट में बताया कि आशीष से हमारी पूछताछ पूरी हो गई है। 

अब आशीष चौहान को वापस न्यायिक हिरासत में भेजना चाहते हैं। अतिरिक्त दंडाधिकारी ने आरोपी को अगली कार्रवाई के लिए सेशन कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। वहीं  अन्य चार आरोपियों को सीबीआई गुरुवार को कोर्ट में पेश कर सकती है।

पहले पुलिस की बनाई कहानी को ही किया जा रहा रीप्ले

पुलिस जांच के मुताबिक लाश को सबसे पहले गुड़िया के मामा ने स्पॉट पर देखा था। सीबीआई ने भी इसी आधार पर मंगलवार को सबसे पहले गुड़िया के दोनों मामा को स्पॉट पर ले जाकर पूछताछ की। पुलिस ने राजू पर थाने के भीतर सूरज की हत्या का आरोप लगाया है।

सीबीआई पिछले दिन ही कोटखाई थाने के भीतर वारदात वाली जगह का मुआयना कर पुलिस की थ्योरी समझने की कोशिश कर चुकी है। इसी तरह पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक अब तक इस मामले के आरोपी राजू, गढ़वाली सुभाष, दीपक, छोटू नेपाली और सह आरोपी आशीष चैहान हैं।

सीबीआई भी प्रथम दृष्टया इन्हीं को आरोपी मानकर चल रही है। मगर इन्हें वास्तविक आरोपी साबित करने के लिए पुलिस के बताए सबूतों को वेरिफाई भी कर रही है। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि जब तक पूरे प्रमाण न हों, पुलिस की तफ्तीश को खारिज नहीं किया जा सकता है। इसीलिए आरंभिक जांच में पुलिस की बनाई कहानी को ही रीप्ले कर रही है

राजू के डेरे और स्पॉट की दूरी ने उलझा रही

पुलिस के अनुसार हत्या के दिन भी इस वाहन का प्रयोग किया गया।
पुलिस जांच के मुताबिक दांदी जंगल में जहां लाश दो लिंक सड़कों के बीच फेंकी गई थी, वहां से मुख्य आरोपी राजू का डेरा महज तीन सौ मीटर की ही दूरी पर है। इतने घने और दूर-दूर तक फैले जंगल में राजू को क्या अपने घर के पास ही लाश फेंकने को गड्ढा मिला?

जबकि यहीं पला-बढ़ा राजू इस जंगल के चप्पे से परिचित है। गुड़िया की लाश अगर चार तारीख को ही फेंक दी गई थी तो इस क्षेत्र में जीवित बछड़ों तक को खा जाने वाले लावारिस कुत्तों को उसके शव की गंध क्यों नहीं आई? ऐसे कई सवाल आगामी दिनों में जांच जा रुख मोड़ सकते हैं।

आरोपियों की शिनाख्त परेड करेगी सीबीआई

पुलिस की ओर से आरोपी बनाए गए पांचों युवकों को सीबीआई उस स्पॉट पर ले जाएगी, जहां गुड़िया का शव पड़ा था। बुधवार को जहां पुलिस ने शिमला में ही रिमांड पर लेकर आरोपियों से कड़ी पूछताछ की, वहीं वीरवार के बाद उन्हें कभी भी मौके पर ले जाया जा सकता है।

हलाइला के दो बागवान बोले, हमें भी सीबीआई पर भरोसा
जिस हलाइला गांव के युवक पुलिस जांच में आरोपी बनाए गए हैं, वहां के दो बागवानों का कहना है कि इस गांव को खुद सीबीआई पर भरोसा है। उम्मीद है कि अब दूध का दूध और पानी का पानी होगा।

मुजरिम जो भी हो, उसे कड़ी सजा हो। मगर हिमाचल पुलिस की बनाई कहानी उनकी समझ से परे है। वे इस क्षेत्र की बदनामी से भी चिंतित हैं।

शिमला सीबीआई थाने में पांचों आरोपियों से पूछताछ

गुड़िया प्रकरण की जांच में जुटी सीबीआई ने बुधवार को शिमला सीबीआई थाने में पांचों आरोपियों का रिमांड लिया। मंगलवार को ही पुलिस ने इन आरोपियों को सीबीआई के अधीन कर दिया था। बताया जा रहा है कि यह रिमांड सीबीआई थाना में हुआ है। तड़के इन आरोपियों को शिमला लाया गया।

दोपहर से ही इन आरोपियों के रिमांड के दौरान पूछताछ होती रही। सीबीआई सूत्र बताते हैं कि इन आरोपियों ने कई राज उगले हैं। वीरवार को सीबीआई इन आरोपियों को दांदी जंगल ले जाकर सीन क्रिएट करा सकती है। उधर, पुलिस कस्टडी में मारे गए आरोपी सूरज का बुधवार को संजौली स्थित श्मशानघाट में अंतिम संस्कार किया गया। 

जहां गुड़िया की लाश मिली है, वहां दुराचार की आशंका पर भी सीबीआई जांच कर रही है। सीबीआई को मुख्य आरोपी राजेंद्र उर्फ राजू के ढारे के 300 मीटर की दूरी की पुष्टि के लिए सीन री-क्रिएट करना पड़ेगा। पुलिस जांच में कई ऐसी कड़ियां हैं, जिन्हें अभी जोड़ा जाना है।

इसके लिए जांच एजेंसी आरोपियों को घटनास्थल पर भी ले जाएगी। सूत्रों की मानें तो सभी आरोपियों से अलग अलग पूछताछ के बाद एक साथ बैठाकर भी घटना के संबंध में पूछा गया है ताकि जांच आगे बढ़ाने के लिए कोई सुराग मिल सके।
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सीबीआई ने सूरज की बॉडी से लिए चार सैंपल

सीबीआई ने मृतक सूरज की बॉडी से चार सैंपल जुटाए हैं। साढ़े तीन घंटे तक चले पोस्टमार्टम की रि-एग्जामिन प्रक्रिया के दौरान मृतक की बॉडी में कट मारकर सिर, गुप्तांग, गले और सीने से चार सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को सीबीआई अपने साथ ले गई है। बताया जा रहा है कि सीबीआई अपने स्तर पर इन सैंपलों की फोरेंसिक लैब में जांच-पड़ताल करेगी।

इसके साथ टीम ने पहले किए पोस्टमार्टम और फिर से किए रि-एग्जामिन की रिपोर्ट की जांच की है। सूत्र बताते हैं कि सीबीआई की टीम ने गुड़िया के पोस्टमार्टम का रिकॉर्ड भी खंगाला है।

कंप्यूटर में फीड गुड़िया के शरीर पर घाव की रिपोर्ट जांची गई है। अलग-अलग एंगल के करीब 172 फोटो देखे गए। सीबीआई की टीम ने इस दौरान डॉक्टरों से भी गुड़िया और सूरज के मामले में लंबी बातचीत की। इसके बाद टीम ने फिर डिपार्टमेंट में आने की बात कही है। 

जज और पुलिस की निगरानी में हुआ था पोस्टमार्टम
डॉक्टरों ने सूरज का पोस्टमार्टम जज और पुलिस की निगरानी में किया था। जहां पोस्टमार्टम हो रहा था, जज उसी कमरे में थे। विभाग की ओर से जज और पुलिस को फोटो सहित इसकी रिपोर्ट भेजी गई है। अब सीबीआई ने अपने स्तर पर मृतक बाडी के पोस्टमार्टम को रि-एग्जामिन किया है।
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