कोरोना काल में कोदरे की चाय शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कैल्शियम की कमी को दूर करने में सहायक सिद्ध होती है। कोदरे में चावल और गेहूं की तुलना में कई गुना अधिक कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत करने में सहायक है। यही नहीं मधुमेह के रोगियों के लिए भी कोदरे की चाय का सेवन करना वरदान से कम नहीं है। यही नहीं, इसमें फासफोरस, विटामिन बी और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
वैज्ञानिक शोध के मुताबिक 100 ग्राम कोदरे के आटे में 370 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। यह जानकारी हिमाचल के मंडी जिले के सदर उपमंडल की खादरा पंचायत के गांव नमलोग में कृषि विभाग के शिविर में कृषि विशेषज्ञों ने दी। इस दौरान महिलाओं को कोदरे कि चाय बनाने के टिप्स दिए। लोक कृषि विशेषज्ञ नेकराम शर्मा ने बताया कि वैज्ञानिकों के शोध में यह सिद्ध भी हो चुका है। लिहाजा कोदरे की चाय पीना लाभदायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में कोदरे की चाय का सेवन लोग करते थे।
ऐसे बनाएं कोदरे की चाय
कोदरे की चाय एक बार में ही कई दिनों के लिए तैयार की जा सकती है। इसके लिए 250 ग्राम कोदरे का आटा लें, जिसमें आठ अखरोट के पीस, 100 ग्राम मूंगफली, 50 ग्राम बादाम को कूटकर बारीक पीस लें। इसके बाद इन बारीक की गई सामग्री को कोदरे के आटे में सही तरीके से मिक्स कर लें और 150 ग्राम देसी घी के साथ धीमी आंच में भून लें। इसमें फिर मीठे के लिए शक्कर मिक्स करें। ऐसे में रोजाना दूध या पानी के कप में एक चम्मच मिलाकर कोदरे की चाय पी जा सकती है।