उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सत्ता से बेदखल होने की हकीकत को अभी तक पचा नहीं पा रहे हैं। इसलिए अपनी ही पार्टी में नेतृत्व की लड़ाई लड़ने के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी लड़ाई में उलझी हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री अपनी ही पार्टी के अध्यक्ष को हटाने के लिए मोर्चा खोले हुए हैं। कपूर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के पास बोलने को कुछ नहीं है इसलिए बेतुके बयान दिए जा रहे हैं। कहा कि प्रदेश सरकार की जयराम की उपलब्धियों से कांग्रेस हिल गई है और कांग्रेस के नेताओं में बौखलाहट दिख रही है