कांगड़ा के तीन और मंडी के सुंदरनगर के पीडि़त परिवारों को जैसे ही अवशेष आने की सूचना मिली, उनका रो-रोकर बुरा हाल है। 2014 में अपहरण के बाद से परिजन अपने बेटों के सही सलामत घर पहुंचने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें अवशेष ही मिलेंगे। चार साल की हेमराज की बेटी अनन्या ने तो अपने पिता का चेहरा तक नहीं देखा है।
हिमाचल सरकार देगी 4-4 लाख, नौकरी की भी उम्मीद
सूबे की जयराम सरकार ने मोसुल में मारे गए युवकों के परिवार को 4-4 लाख की मदद देने का एलान किया है। उधर, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मिलने गए पीडि़त परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी आश्वासन दिया है।
सुंदरनगर के बायला गांव के हेम सिंह के पार्थिव अवशेष मंगलवार सुबह तक घर लाए जाएंगे। पार्थिव अवशेष लेने के लिए जिला प्रशासन ने रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव को कांगड़ा के धर्मशाला जाने के लिए अधिकृत किया है। एसडीएम सुंदरनगर को अवशेष घर तक पहुंचाने की जिम्मेवारी दी गई है।
परिजनों को एसडीएम सुंदरनगर ने शव लाने की सूचना दी है। हालांकि, सोमवार शाम तक पार्थिव अवशेष पहुंच जाएंगे, लेकिन बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह ही इन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा। मोसुल में मारे गए हेम सिंह के चाचा शमशेर सिंह का कहना है कि रविवार सुबह एसडीएम सुंदरनगर राहुल चौहान ने फोन पर अवशेष घर तक पहुंचाने की सूचना दी है।
उन्होंने कहा कि करीब डेढ़ बजे अमृतसर में हवाई जहाज के माध्यम से अवशेष पहुंचेंगे। इसके बाद इन्हें धर्मशाला लाया जाएगा। यहां से अवशेष रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव मंडी लाएंगे। उन्होंने कहा कि अब तो परिजनों की आंखों से आंसू तक सूख चुके हैं।
अफसोस इस बात का है कि अभी तक यह तक पता नहीं चला है कि जालिमों ने हमारे बच्चे को मारा कैसे। न जाने क्या यातनाएं दी होंगी, भूख रखा होगा। एडीसी मंडी राघव शर्मा ने कहा कि रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव को धर्मशाला से अवशेष लाने के लिए अधिकृत किया है। एसडीएम सुंदरनगर इन्हें घर तक पहुंचाएंगे।