उधर, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की बिलासपुर भूमि अधिग्रहण इकाई के तहसीलदार के खिलाफ दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह मामला घुमारवीं थाना में अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ है। तहसीलदार पर आरोप है कि फोरलेन की जद में आए ऐसे निर्माण ढांचे को तोड़ा, जिसकी कीमत ही निर्धारित नहीं की गई थी। घुमारवीं अदालत में दिए शिकायत पत्र में रामेश्वरी शर्मा निवासी गांव बागठेड़ू डाकघर भगेड़ तहसील घुमारवीं जिला बिलासपुर ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की बिलासपुर भूमि अधिग्रहण इकाई के तहसीलदार ने किरतपुर-नेरचौक फोरलेन की जद में आए सिर्फ उनके मकान की कीमत 34,59,375 रुपये निर्धारित की। फोरलेन निर्माण के दौरान उनके वाटर टैंक सहित अन्य ढांचे को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया और उसका मुआवजा भी नहीं दिया गया है। जब मुआवजे की मांग की गई तो दस्तावेज में छेड़छाड़ कर गिराए गए अतिरिक्त ढांचे को भी मकान की निर्धारित कीमत में दिखा दिया गया। उधर, डीएसपी मुख्यालय राजकुमार ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।