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Bilaspur: अब सरकारी भूमि पर बने भवनों के मुआवजा आवंटन की होगी रिकवरी

Sat, 27 May 2023 10:02 AM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर

सार

किरतपुर-नेरचौक फोरलेन में एनएचएआई ने उन मकान मालिकों को करोड़ों रुपयों का मुआवजा आबंटन कर दिया जो कि सरकारी भूमि पर निर्मित थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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किरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना में सरकारी भूमि पर बने भवनों के किए गए मुआवजा आबंटन की रिकवरी करने के लिए प्रधान सचिव राजस्व सरकार हिमाचल प्रदेश ने उपायुक्त बिलासपुर, उपायुक्त मंडी को निर्देश दिए हैं। उपायुक्त इस मामले में कार्रवाई करेंगे। उस कार्रवाई से प्रधान सचिव राजस्व सरकार हिमाचल प्रदेश के साथ फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति को भी अवगत करवाना होगा।

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इसकी पुष्टि संयुक्त सचिव राजस्व ने अपने कार्यालय के पत्र संख्या रैव.डीजी 7-3/2023 में की है। इसकी एक प्रति फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति को भी भेजी गई है। बताते चलें कि निर्माणाधीन किरतपुर-नेरचौक फोरलेन में एनएचएआई ने उन मकान मालिकों को करोड़ों रुपयों का मुआवजा आबंटन कर दिया जो कि सरकारी भूमि पर निर्मित थे।

इसके बारे में फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने भू-अर्जन अधिकारी बिलासपुर और परियोजना निदेशक एनएचएआई से जानकारी मांगी थी। पूछा था कि किस नियम के तहत सरकारी भूमि में निर्मित मकानों का मुआवजा आबंटन किया गया। इसकी जानकारी न मिलने पर समिति ने क्षेत्रीय प्राधिकरण शिमला के समक्ष अपील दायर की। जिसमें भू-अर्जन अधिकारी बिलासपुर को सूचना देने के लिए आदेश हुए, उसके बाद भी सूचना नहीं मिली।
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2018 में भू-अर्जन अधिकारी बिलासपुर को उपरोक्त भवनों के हुए मुआवजा आबंटन की रिकवरी के आदेश हुए थे। जिन पर कार्रवाई ही नहीं हुई और तर्क दिया गया कि आदेश की कॉपी गायब है। इस पर समिति ने डीसी बिलासपुर को शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत पत्र पर कार्रवाई करते हुए डीसी बिलासपुर ने 14 दिन के भीतर उपरोक्त मकानों के हुए मुआवजा आबंटन की रिकवरी के आदेशों की कॉपी ढूंढने के आदेश जारी किए और एनएचएआई की भूमि अधिग्रहण इकाई ने वह कॉपी ढूंढ भी ली।

इसका अवलोकन करने पर पाया गया कि उपरोक्त पत्र को तहसीलदार एनएचएआई ने भू-अर्जन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत ही नहीं किया था, न ही उपरोक्त पत्र पर कोई कार्रवाई हुई। समिति ने मुख्यमंत्री, उपायुक्त बिलासपुर, मंडी, भू-अर्जन अधिकारी को फिर से इस विषय पर पत्र लिखा कि मुआवजा रिकवरी पत्र मिल चुका है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर अब राजस्व प्रधान सचिव ने यह आदेश जारी किए हैं।

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