हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि किरतपुर-मनाली फोरलेन से चंडीगढ़ से मनाली अब महज पांच घंटे में पहुंच सकेंगे। गाड़ामौड़ा से मनाली तक सफर अब सिर्फ तीन घंटे का रह गया है। फोरलेन की लंबाई 189 किलोमीटर है। इसमें 13 सुरंगें बनाई गई हैं। साथ ही 33 बड़े और 30 छोटे पुल भी हैं। अब तक इसमें 18,000 करोड़ खर्च किए गए हैं। वीरवार को कुल्लू में प्रेस वार्ता में डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि किरतपुर-मनाली हाईवे शुरू होने को लेकर हिमाचल पुलिस भी तैयार है। फोरलेन शुरू होने के बाद इससे गाड़ियों की संख्या में भारी इजाफा होगा। प्रतिदिन करीब 15 से 20 हजार गाड़ियां आएंगी। इससे हादसों का भी खतरा रहेगा। इसलिए पुलिस एनएचएआई को टनल में डिवाइडर, क्रैश बैरियर, पैदल चलने वालों के लिए रास्ते, टनल में आपातकालीन एजिग्ट, लाइटें दुरुस्त करने के लिए कहा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर में फोरलेन की लंबाई 43.6 किमी, मंडी में 83.3 और कुल्लू में 55 किलोमीटर है। हालांकि, पुलिस के लिए इसमें चुनौतियां भी हैं। इसके लिए पुलिस कसरत कर रही है। बिलासपुर के भगेड़, मंडी के नेरचौक और कुल्लू में बंदरोल के टूरिस्ट कम ट्रैफिक पुलिस थाने खोले जाएंगे। तीन जिलों में खुलने वाले टूरिस्ट कम ट्रैफिक पुलिस थानों से आसानी होगी। फोरलेन बनने के बाद राहत की बात यह है कि इसमें हर जगह क्रैश बैरियर लगे हैं। इससे हादसे कम होंगे। पंडोह के साथ लगते क्षेत्र में नेशनल हाईवे में पहले काफी हादसे होते थे। हिमाचल में 22 प्रतिशत मौतें सड़क हादसों में क्रैश बैरियर न होने, 19 प्रतिशत मौतें पैदल यात्रियों के लिए रास्ता न होने, 23 प्रतिशत मौतें ब्लाइंड स्पॉट की बजह से होती हैं। पुलिस नेशनल हाईवे में भी ब्लाइंड स्पॉट को चिह्नित करेगी।
क्षमता 2400 की जेलों में है 3000 कैदी
पुलिस ड्रग्स के मामलों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। जेलों में क्षमता 2400 कैदियों को रखने की है, जबकि जेलों में 3000 कैदी हैं। पकड़े गए कैदियों में 40 फीसदी ड्रग्स वाले हैं। कुल्लू जेल में भी महज 30 कैदियों की क्षमता है, जबकि यहां पर दर्जनों मामले दर्ज होते हैं।