नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचईआई) पर किरतपुर-मनाली फोरलेन में जरूरत से ज्यादा जमीन अधिग्रहण का आरोप लगा है। कैंची मोड़ स्वारघाट, खखाल पुल, तुनू, टीहरा और हराबाग में टनल का निर्माण होना है। आरोप है कि यहां आसपास एनएचईआई ने डेढ़ सौ मीटर चौड़ी जमीन का अधिग्रहण किया है।
फ्लाईओवर और टोल प्लाजा के पास भी इतनी ही जमीन का अधिग्रहण किया है जबकि फोरलेन के लिए 45 मीटर निर्धारित की गई है। यह फोरलेन कहां से होकर गुजरना है, एनएचईआई इसका रिकॉर्ड विस्थापित एवं प्रभावित समिति को उपलब्ध नहीं करा रहा है। सेंटर लाइन न होने के बावजूद जमीन का अधिग्रहण करने से समिति में रोष है।
समिति के महासचिव एवं पूर्व सैनिक मदन लाल ने कहा कि एनएचईआई कार्यालय बिलासपुर में अधिकारियों से इसकी जानकारी मांगी जा रही है लेकिन अफसर बोलने को तैयार नहीं हैं।
अगर जनता विरोध करती है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि एनएचईआई फोरलेन निर्माण कार्य में दोहरे मापदंड अपना रही है। सुंदरनगर के पास फोरलेन की चौड़ाई 29 से 32 मीटर है।
40 फीसदी काम पूरा-मार्च 2019 में फोरलेन का निर्माण कार्य पूरा होना है। 77 किलोमीटर के इस फोरलेन में कंपनी 40 किलोमीटर का काम पूरा कर पाई है।
पांच सुरंगों के निर्माण के साथ टोल प्लाजा और फ्लाईओवर का भी निर्माण होना है। समिति का कहना है कि कंपनी की मनमानी और लेटलतीफी पर कंपनी को जुर्माना लगाया जाना चाहिए।