-डॉ बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के 13 वें दीक्षांत समारोह को किया संबोधित
-स्नातक में 519, परास्नातक में 568, एमफिल 13, पीएचडी 28 सहित 1131 उपाधि प्रदान कीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यह आपका दीक्षांत समारोह है, जहां आज से आपकी दीक्षा का अंत हुआ और अब शिक्षा की शुरुआत होगी। अब यह जीवन पर्यंत चलेगी। डिग्री पढ़ाई के खर्च की रसीद होती है और ज्ञान वही है जो आपका व्यवहार दर्शाता है। दिल्ली के उपराज्यपाल व विवि के कुलाधिपति वीके सक्सेना ने यह बातें डॉ भीम राव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 13 वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर कहीं।
उपराज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अवसर का प्रयोग करते हुए नए रोजगार के अवसर बनाने चाहिए। विजेता वो लोग होते हैं जो अवसर का बेहतर उपयोग करते हैं। आपको अवसर मिला है कि आप अवसर पैदा करें। समारोह में शैक्षणिक सत्र 2023-24 में डिग्री पूरा करने वाले कुल 1131 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें स्नातक में 519, परा स्नातक में 568 तथा एमफिल 13, पीएचडी 28 तथा अन्य तीन डिग्रियां शामिल हैं। मुख्य अतिथि पहुंचे पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समय सीमित है इसलिए इसे खराब न करें। इस अवसर पर अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को पेश किया। इस अवसर पर अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलसचिव नितिन मलिक भी उपस्थित थे।
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पीएचडी, एमफिल, एमबीए, एमए और यूजी डिग्री दी गई
छात्रों को पुरातत्व और विरासत प्रबंधन जैसे अध्ययन के विभिन्न क्षेत्रों में पीएचडी, एमफिल, एमबीए, एमए, यूजी डिग्री से सम्मानित किया गया। इसके अलावा लिंग अध्ययन, पर्यावरण और विकास और शिक्षा (प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा) में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी प्रदान किए गए। मालूम हो कि वर्ष 2012 में विवि ने अपने पहले दीक्षांत समारोह के बाद से अब तक 9701 डिग्री और पीजी डिप्लोमा प्रदान किए हैं। विद्यार्थियों की डिग्री को डिजीलॉकर में अपलोड कर दिया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को कर्तव्य निष्ठा की शपथ भी दिलवाई गई।