भूस्खलन की दृष्टि से जनजातीय जिला किन्नौर संवेदनशील बनता जा रहा है। निगुलसरी के बाद अब नाथपा डैम के साथ पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हो गया है। शुक्रवार देर रात से लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिस कारण सामरिक महत्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे-5 का 200 मीटर हिस्सा मलबे से दब गया है। हाईवे बहाल होने में करीब तीन दिन का समय लग सकता है।
ऐसे में किन्नौर सहित काजा और लाहौल स्पीति के हजारों लोगों समेत सैन्य वाहनों को आवाजाही करने में परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। पहाड़ी से भारी भूस्खलन के कारण एनएच पर चट्टानों और मलबे का ढेर लग गया है। ऐसे में समूचे किन्नौर जिले सहित काजा और स्पीति का संपर्क पूरी तरह से कट गया है।
पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण नेशनल हाईवे को बहाल करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवानों को भी रसद पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा। शनिवार को सूचना मिलते ही नेशनल हाईवे प्राधिकरण की मशीनें और मजदूर नाथपा पहुंचे, लेकिन पहाड़ी से भूस्खलन लगातार हो रहा है। इस कारण नेशनल हाईवे को बहाल करना जोखिम भरा बना हुआ है।
बहरहाल एनएच प्राधिकरण ने सड़क बहाली का कार्य रोक दिया है। प्राधिकरण की मानें तो यहां एनएच बहाल करने में अगले तीन दिन का समय लग जाएगा। शनिवार को एनएच बाधित होने से शिमला और किन्नौर की ओर से सैकड़ों वाहन सड़क पर फंसे रहे। घंटों जाम की स्थिति बनी रही। दिनभर हजारों लोग परेशानियां झेलते रहे। हालांकि कुछ ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं।
नाथपा में पहाड़ी से भारी भूस्खलन होने के कारण सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा मलबे में दब गया है। स्थिति संभलते ही सड़क बहाली का कार्य शुरू किया जाएगा। मौके पर चार जेसीबी मशीनें और दर्जनों मजदूर तैनात किए गए हैं।
- केएल सुमन, एक्सईएन, नेशनल हाईवे प्राधिकरण रामपुर