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Khushwant Singh Litfest: भक्तिज्ञान प्रस्तुति के साथ कसौली में खुशवंत सिंह लिटफस्ट का आगाज

Fri, 13 Oct 2023 07:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, कसौली (सोलन)

सार

12वां खुशवंत सिंह लिट फेल्ट कसौली में शुक्रवार से भक्तिज्ञान की प्रस्तुति के साथ शुरू हो गया।  वरुण गांधी का लिटफेस्ट में आने का कार्यक्रम रद्द हो गया है। 
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खुशवंत सिंह लिटफेस्ट - फोटो : संवाद
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विस्तार
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देश के महान लेखकों में शुमार खुशवंत सिंह की याद में 12वां खुशवंत सिंह लिट फेल्ट कसौली में शुक्रवार से भक्तिज्ञान की प्रस्तुति के साथ शुरू हो गया। लिटफेस्ट का इस बार का थीम ‘दी रिवोल्यूशन विल नॉट बी टेलीविज्ड, बी द चेंज वांट टू सी’ रखा गया है। इसमें देश-विदेश के कई लेखक, साहित्यकार, चित्रकार, अभिनेता, सैन्य अधिकारी और राजनीति से जुड़ी बड़ी हस्तियां भाग ले रही हैं। तीन दिनों तक विभिन्न 21 सत्रों में चर्चा होगी।

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लिटफेस्ट की शुरुआत में खुशवंत सिंह के बेटे राहुल सिंह और पत्रकार एवं स्तंभकार बच्ची करकरिया ने कार्यक्रम में उपस्थित मेहमानों का स्वागत किया। वक्ताओं ने खुशवंत सिंह पर अपने-अपने विचार रखे। इस दौरान रिन्नी सिंह ने चैट चीपीटी सेल्यूट के बारे में बताया। राजनीतिक अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर ने वाइदर द रिवोल्यूशन पर चर्चा की। उनकी नई किताब ‘द क्रुकड टिंबर ऑफ न्यू इंडिया’ पर काफी गर्मजोशी से चर्चा हुई।

जयदीप मुकरजिया, आर गोपालकृष्णन और राहुल सिंह ने ‘लव ऑल’ विषय पर डिबेट की। इसके बाद इंद्राणी मुखर्जी ने ‘द सैकेंड बिकमिंग’ पर विस्तार से चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए। अनिरुद्ध सूरी ने द फेलियर हेयर एंड नॉउ विषय पर चर्चा की। वहीं कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने द मल्टी-हाइफेनेट विषय को उजागर किया। भारतीय खुफिया ब्यूरो के पूर्व विशेष निदेशक अमरजीत सिंह और अभिनेत्री कुब्रा सैत ने भी अपने विषयों में डिबेट की।
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2012 में हुई थी शुरुआत
इस लिटफेस्ट को वर्ष 2012 में खुशवंत सिंह के जीवित रहते ही उनके बेटे राहुल सिंह ने शुरू किया था। खुशवंत सिंह कसौली को वह दूसरा घर मानते थे और ट्रेन-टू-पाकिस्तान जैसी कई किताबें उन्होंने यहां अपने राज विला में लिखी थी।

नहीं पहुंचे वरुण गांधी
भाजपा लोकसभा सांसद वरुण गांधी निजी कारणों के चलते कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। हालांकि वीरवार तक उनका कार्यक्रम तय था, मगर अंतिम क्षणों में वीरवार शाम को उनके न आने की सूचना आयोजकों को भेजी गई। उनके सत्र को लेकर भी लिटफेस्ट के दौरान कई लोग उत्सुक थे, जो उनके न आने से निराश हुए।

अपने वेतन से खेलता रहा टेनिस : जयदीप
पूर्व टेनिस खिलाड़ी जयदीप मुकरजिया व आर गोपालकृष्णन के सत्र में राहुल सिंह ने खुलकर डिबेट की और पुराने समय में खेल को लेकर चर्चा हुई। जयदीप ने कहा कि उनके समय में खेल पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता था, न ही इसके लिए पैसा आता था। उन्होंने कहा कि टाटा जैसी कंपनियों में नौकरी की और वहां से मिलने वाली सैलरी से अपने खेल को जारी रखा। मगर आज के दौर में खेल को लेकर काफी सुविधाएं मिलती हैं। खिलाड़ियों पर जमकर पैसा बरस रहा है।
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