अब राष्ट्रीयकृत बैंकों की तर्ज पर केसीसी बैंक की शाखाओं से लोन मिलेगा। इस व्यवस्था से नेताओं के इशारे पर बंदरबांट लोन पर लगाम लगेगी। इससे केसीसी बैंक की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।
यह है सिबिल रिपोर्ट
सिबिल एक ऐसी संस्था है, जो देश के हर व्यक्ति के बैंक से संबंधित लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड रखती है। ये वो लेन-देन होते हैं, जो कोई शख्स किसी वित्तीय संस्थान के साथ करता है। इसी रिकॉर्ड के हिसाब से सिबिल रिपोर्ट तय होती है। इस संस्था से बैंक और वित्तीय संस्थान इससे जुड़े हैं, जो हर ग्राहक के लेन-देन के बारे में सिबिल को बताते हैं।
इनमें लोन, ईएमआई, क्रेडिट कार्ड का बिल या फिर किसी लोन के लिए पूछताछ भी शामिल होती है। इसी के आधार पर व्यक्ति अच्छी या बुरी रिपोर्ट बनती है, जिसके आधार पर बैंक तय करते हैं कि वे आपको लोन दें या नहीं। इससे बैंकों को यह अंदाजा लगता है कि वह शख्स पैसे देगा या नहीं।
केसीसी बैंक के एजीएम लोन राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि आरबीआई के निर्देशानुसार सिबिल रिपोर्ट की व्यवस्था शुरू हो गई है। अब शाखाओं को सिबिल से जोड़ा गया है। अब व्यक्ति की सिबिल रिपोर्ट देखने के बाद ही लोन को मंजूरी दी जाएगी।