बैंक के चेयरमैन जगदीश सिपहिया
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अब सवाल यह उठता है कि केसीसी बैंक ने नाबार्ड की मंजूरी के बिना करोड़ों के लोन किसके दबाव में बांट दिए। कहीं इसके पीछे बैंक के कर्मचारियों-अफसरों और बीओडी में मिलीभगत से रिश्वत का खेल तो नहीं चल रहा था।
बैंक के चेयरमैन जगदीश सिपहिया ने कहा कि लोन एमडी और जीएम देते हैं। इसमें बैंक के चेयरमैन का कोई रोल नहीं होता है। हालांकि केसीसी बैंक स्वायत्त संस्था है। बैंक की उन्नति के लिए उसे अपने निर्णय लेने की स्वतंत्रता है।