कांगड़ा केंद्रीय सहकारी (केसीसी) बैंक के करोड़ों के ओटीएस घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। शिमला मुख्यालय में मंगलवार को हुई पूछताछ के दौरान पालमपुर शाखा के मैनेजर अनिल वालिया ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। मैनेजर ने स्वीकार किया कि अप्रैल 2025 में बैंक की एक टीम कर्ज वसूली (रिकवरी) के लिए रवाना हुई थी, लेकिन बैंक के प्रबंध निदेशक एमडी के लिखित निर्देशों के बाद टीम को बीच रास्ते से वापस बुला लिया गया। ब्रांच मैनेजर के इस बयान ने अब पूरी जांच का रुख बैंक के शीर्ष प्रबंधन की ओर मुड़ गया है। ईडी अब उन लिखित आदेशों की मूल प्रति जब्त करने की तैयारी में है, जिनके आधार पर रिकवरी की कार्रवाई को बीच में ही रोक दिया गया था।