महिला आशा कुमारी को क्या मालूम था कि उसके मायके पहुंचने से पहले ही काल उसका इंतजार कर रहा था। इस हादसे में उसका इकलौता 10 वर्षीय बेटा युगल भी हादसे का शिकार हो गया। वहीं, लोगों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्र काशापाट को जोड़ने वाली इस सड़क पर अगर क्रैश बैरियर होते, तो छह लोगों की जिंदगी बच जाती। हादसे के बाद काशापाट पंचायत में मातम पसर गया है और ग्रामीणों को इस हादसे ने झकझोर कर रख दिया है। काशापाट पंचायत से संबंध रखने वाला चालक अशोक जैन रोजाना की तरह शुक्रवार को भी दत्तनगर के मिल्क प्लांट में दूध बेचकर वापस काशापाट की ओर लौट रहा था। रोजाना की तरह शुक्रवार को भी वह दूध बेचकर वापस निकला और साथ में पांच लोग भी इस वाहन में सवार थे। जैसे ही पिकअप ढंढोल के पास पहुंची, तो अचानक वाहन का नियंत्रण बिगड़ा और वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में जा गिरा।
इस भयानक हादसे के बाद क्षेत्र के लोग सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से इस सड़क पर क्रैश बैरियर लगाने की मांग उठा रहे हैं। वहीं हादसे के बाद मृतक महिला आशा कुमारी के पति सत्य प्रकाश और पंचायत प्रधान दुनी चंद घटनास्थल की ओर रवाना हो गए।
पंचायत प्रधान बिश्लाधार दुनी चंद ने बताया कि महिला आशा कुमारी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डिगेढ़ में बतौर प्रवक्ता अपनी सेवाएं दे रही थी। शुक्रवार को अवकाश के चलते वह बेटे युगल के साथ अपने मायके जा रही थी।
हादसे में पिकअप सड़क से करीब 200 फीट नीचे खाई में जा गिरी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग राहत कार्य में जुट गए। बड़ी मशक्कत के बाद मृतकों को घटनास्थल से बाहर निकाला गया।