सरकार ने कसौली अवैध निर्माण की फाइल निदेशालय भेज दी है। इसमें एक दर्जन कर्मचारी और छोटे अफसरों को जिम्मेवार ठहराया गया है। अब टीसीपी के निदेशक राजेश्वर गोयल की ओर से इसमें फैसला लिया जाना है।
टीसीपी कार्यालय में अफसर और कर्मचारी सहमे हुए हैं। अफसरों का मानना है कि अगर इस तरह कार्रवाई होती रही तो काम करना मुश्किल हो जाएगा। टीसीपी कार्यालय में नक्शा पास कराने को लेकर आ रहे आवेदन पर बारीकी से देखा जा रहा है। जूनियर इंजीनियर से लेकर ड्राफ्टमैन कोई भी फैसला लेने के लिए तीन चार बार अफसरों से राय ले रहे हैं।
शिमला, सोलन, कुल्लू, धर्मशाला में अवैध निर्माण
राजधानी शिमला, सोलन, कुल्लू और धर्मशाला में अवैध निर्माण हुआ है। पालिसी के चक्कर में लोगों ने टीसीपी कार्यालय में आवेदन कर रखा है। अब यह मामला कोर्ट में है।
हर विस चुनाव में मिलता है नियमित करने का आश्वासन
हर विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और भाजपा सहित अन्य दलों ने अवैध निर्माण को नियमित करने का आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद अवैध निर्माण पर कोई स्थायी नीति नहीं बन सकी।