पहाड़ों की रानी के नाम से देश दुनिया में विख्यात शिमला में करवाचौथ पर अनोखा नजारा दिखेगा। शिमला के प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट ऐतिहासिक रिज मैदान पर शनिवार को एकसाथ हजारों सुहागिनें करवाचौथ का व्रत तोड़ेंगी। चांद के दीदार के लिए यहां हजारों जोड़े सज-धज कर पहुंचेंगे। स्थानीय महिलाएं ही नहीं, शिमला पहुंचे सैलानी यहीं आकर व्रत तोड़ते हैं।
वजह यह भी है कि शिमला में सबसे पहले चांद रिज मैदान पर ही दिखता है। ऐसे में हर वर्ष करवा चौथ की शाम को शिमला का रिज मैदान प्रेम और आस्था के इस पर्व के लिए सजता है। इस साल भी करवाचौथ पर जोड़ों के लिए विशेष तैयारी की गई है। व्रत तोड़ने के बाद शिमला के माल रोड पर रेस्तरां में डिनर के लिए खास व्यवस्था की जा रही है।
होंगे कई सांस्कृतिक कार्यक्रम
ऐतिहासिक रिज मैदान शिमला शहर के बीचों बीच ऊंचाई पर एक बड़ा और खुला स्थान है। समुद्रतट से 7234 फीट की ऊंचाई पर रिज पर करवाचौथ की शाम प्रशासन कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित करता है। शनिवार शाम 6 बजे से लेकर 8.30 बजे तक ब्राइडल शो, लोक नृत्य, बेस्ट करवाचौथ कपल और बेस्ट ड्रेस ब्राइड प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा रिज मैदान पर चांद करीब एक घंटा पहले दिखता है। चांद का दीदार होने के बाद खुले मैदान में ही महिलाएं, पतियों की पूजा कर पानी ग्रहण करती हैं।
लाखों के गहने पहनने पर भी महिलाएं सुरक्षित
रिज मैदान पर करवाचौथ की शाम को महिलाएं लाखों के गहने पहन कर सजधज पर पहुंचती हैं। सुरक्षा को पुलिस भी कड़ा बंदोबस्त करती है। खाकी वर्दी के अलावा सादी वर्दी में महिला और पुरुष कर्मी रिज मैदान में तैनात रहते हैं। करवाचौथ पर आज तक रिज पर छीनाझपटी की कोई वारदात सामने नहीं आई।
हिल्स क्वीन का दिल है रिज
रिज मैदान को शिमला का दिल माना जाता है। जाखू की पहाड़ी से सटे इस मैदान से शिमला का अद्भुत नजारा दिखता है। सामने पहाड़ी पर जाखू टेंपल है, तो दूसरी ओर स्कैंडल प्वाइंट। माल रोड से जुड़े इस मैदान के साथ ही लक्कड़ बाजार सटा है। रिज मैदान के नीचे पानी का एक बड़ा टैंक है जो शहर को पानी की आपूर्ति करता है।
इसी मैदान में अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन उत्सव मनाया जाता है। यहीं पर देश के कई बड़े नेताओं ने जनता को संबोधित भी किया है। रिज मैदान में लंबी पैदल यात्रा का आनंद उठाया जा सकता है। क्राइस्ट चर्च, स्टेट लाइब्रेरी के अलावा यहां स्थित महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, वाईएस परमार की प्रतिमाएं इस प्रसिद्ध जगह की खूबसूरती में चार चांद लगाती हैं।