जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में भारतीय सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले में मारे गए 17 जवानों को देख अब शहीदों के परिजनों ने पाकिस्तान को माकूल जवाब देने की बात कह दी है। साथ ही केंद्र सरकार से भी कह दिया कि इसके बारे में एक ठोस नीति होनी चाहिए। अन्यथा भारतीय सेनाओं का मनोबल कम होगा।
पाकिस्तान के आतंकी हमले से हमारी हर बार कमजोरी साबित होती है। अब इस बार नहीं होनी चाहिए। कारगिल युद्ध में अपनी शहादत दे चुके परमवीर चक्र विजेता शहीद मेजर विक्रम बत्तरा के पिता जीएल बत्तरा ने कहा कि बहुत समय से पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। सहनशीलता की भी कोई हद होती है।
उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान को इसका माकूल जवाब देने का वक्त आ गया है। इसके लिए सरकार को अब कड़ा कदम उठाना होगा। इस बार हमारी कमजोरी साबित नहीं होनी चाहिए। इससे हमारी सेना का मनोबल कमजोर नहीं होना चाहिए, जबकि सेना में जा रहे नौजवान यह न सोचें कि सेना में जाने से उनका भविष्य सुरक्षित है कि, नहीं। कारगिल युद्ध में पाकिस्तान सेनाओं के हाथों शहीद प्रथम शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के पिता डॉ. एनके कालिया ने कहा कि यह समाचार देश के लिए अति दुखद है।
सरकार को अब इस पर कोई ठोस नीति बनानी होगी। अब तक यह ही समझ नहीं गया कि पाकिस्तान हमारा दुश्मन है या दोस्त। हम कभी पाकिस्तान कलाकारों को भारत बुला रहे हैं तो कभी उनके साथ क्रिकेट और हॉकी मैच खेल रहे हैं। अब सेना को इसका सही जवाब देने के लिए खुली छूट देनी चाहिए। इस पर कोई ढुलमुल रवैया नहीं होना चाहिए।