जिन मासूमों के संगी-साथी या भाई-बहन पीछे छूट गए हैं, अब स्कूल जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे है तो वहीं शोक में डूबे परिवार व गांववाले भी बच्चों को दोबारा स्कूल भेजने से डर रहे हैं।
दो दिन से स्कूल बंद, प्रबंधन नहीं आ रहा सामने
बस हादसे के बाद से वजीर राम सिंह पठानिया मेमोरियल पब्लिक स्कूल गुरचाल के गेट पर ताला लटका हुआ है। स्कूल प्रबंधन की ओर से घटना के बाद से दो दिन से कोई भी सामने नहीं आ रहा है। इस बात को लेकर शोक संतप्त परिवारों के अलावा गांववासियों में भी रोष है।
अस्थि विसर्जन को हरिद्वार रवाना हुए परिजन
स्कूल बस हादसे में अकाल मृत्यु का ग्रास बने ठेहड़ पंचायत के खुवाड़ा गांव के 12 मासूम बच्चों के परिजन बुधवार देर शाम अपने जिगर के टुकड़ों की अस्थियां लेकर विसर्जन के लिए हरिद्वार रवाना हुए।
प्रशासन की ओर से परिजनों के लिए बिशेष तौर पर सेमी डिलक्स बस की व्यवस्था की गई थी। बुधवार रात को इन परिवारों के करीब 35 लोग बच्चों की अस्थियां के साथ विसर्जन के लिए रवाना हुए। नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया भी हादसे के शिकर बच्चों के घर ढांढस बंधाने पहुंचे।
एडीएम आज से करेंगे नूरपुर बस हादसे की जांच
नूरपुर बस हादसे की न्यायिक जांच वीरवार से एडीएम करेंगे। यह बात डीसी संदीप कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि एडीएम वीरवार को घटनास्थल का दौरा करेंगे। इस दौरान संबधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। जांच अधिकारी हादसे के कारणों के हरेक पहलू को बारीकी से जांचेंगे।
बस हादसे में घायल जिन 4 बच्चों का नूरपुर सिविल अस्पताल और 7 बच्चों का पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में इलाज चल रहा हैं, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही हैं। हालांकि, मंगलवार को उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी, लेकिन अब वे ठीक हैं। हर कोई अस्पताल में भर्ती बच्चों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहा है।