कैबिनेट बैठक में सरकार लंबे समय से लटकी 960 मैगावाट की जंगी थोपन जलविद्युत परियोजना सहित कुछ अन्य परियोजनाओं को नए सिरे से आवंटन करने पर मुहर लगा सकती है।
जंगी थोपन परियोजना को एक अन्य कंपनी को स्वीकृत किया था, जिसमें अदानी ग्रुप की ढाई सौ करोड़ रुपये की अपफ्रंट मनी प्रदेश सरकार के पास है। इसके अलावा लटकी हुई अन्य कुछ योजनाओं की अपफ्रंट मनी भी सरकार के पास है, जिसे वापसी पर पेच फंसा है।