ऊना में पकड़े गए एक मामले में एक ऋणधारक ने तीन करोड़ का ऋण लिया, लेकिन जिस कार्य के लिए ऋण लेने का मकसद बैंक में दर्शाया गया, धरातल में उस पर एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ है। अब विजिलेंस केसीसीबी के अन्य ऐसे ऋणधारकों की सूची को खंगाल रही है, जिनके ऋण लाखों-करोड़ों में हैं। विभाग जांच कर रहा है कि सही मायने में उस ऋण का पैसा उसी कार्य के लिए खर्च हुआ है या नहीं।
केसीसी बैंक लोन मामले में अभी तक चार मामले दर्ज हुए हैं। इनमें जांच चल रही हुई। जल्द केसीसीबी के कई अन्य अधिकारियों सहित ऋणधारकों पर भी मामले दर्ज हो सकते हैं। - अरुल कुमार, एसपी, विजिलेंस विभाग कांगड़ा जोन