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विजिलेंस रडार पर कांगड़ा केंद्रीय बैंक समिति के अधिकारी-ऋणधारक

Thu, 05 Sep 2019 12:18 PM IST
अरविन्द ठाकुर विपिन चौधरी, अमर उजाला, धर्मशाला
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सांकेतिक तस्वीर
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राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो कांगड़ा जोन के रडार पर अब कांगड़ा केंद्रीय बैंक समिति के कई अधिकारी हैं। इसके अलावा विजिलेंस विभाग उन ऋणधारकों पर भी नजर बनाए हुए है, जिन्होंने बैंक से लाखों रुपये का ऋण लिया है। ऋण मामले में विजिलेंस विभाग अभी तक चार मामले दर्ज कर चुका है, जिसमें दो कांगड़ा और दो मामले जिला ऊना से संबंधित हैं।

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इन मामलों में चल रही जांच के बाद अब केसीसीबी के कई आलाधिकारियों के नाम भी इस मामले में जुड़ सकते हैं। जानकारी के अनुसार विजिलेंस विभाग की ओर से पालमपुर से होटल व्यवसायी पर दर्ज हुए मामले में पाया है कि व्यवसायी ने 10 करोड़ का ऋण होटल निर्माण के लिए लिया था, लेकिन इनमें उसने 5 से 6 करोड़ तक रुपये ही होटल निर्माण के लिए लगाए, जबकि अन्य रुपयों का कोई अता-पता नहीं है। इसके अलावा पालमपुर में ही 13 लाख रुपये का लोन लिया है, जिसका भी सही पता नहीं चल सका है।

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ऊना में पकड़े गए एक मामले में एक ऋणधारक ने तीन करोड़ का ऋण लिया, लेकिन जिस कार्य के लिए ऋण लेने का मकसद बैंक में दर्शाया गया, धरातल में उस पर एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ है। अब विजिलेंस केसीसीबी के अन्य ऐसे ऋणधारकों की सूची को खंगाल रही है, जिनके ऋण लाखों-करोड़ों में हैं। विभाग जांच कर रहा है कि सही मायने में उस ऋण का पैसा उसी कार्य के लिए खर्च हुआ है या नहीं।

केसीसी बैंक लोन मामले में अभी तक चार मामले दर्ज हुए हैं। इनमें जांच चल रही हुई। जल्द केसीसीबी के कई अन्य अधिकारियों सहित ऋणधारकों पर भी मामले दर्ज हो सकते हैं। - अरुल कुमार, एसपी, विजिलेंस विभाग कांगड़ा जोन
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