कांगड़ा में नशा तस्करी के 313 मामले दर्ज, 37.84 करोड़ की संपत्तियां जब्त
कांगड़ा जिले में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के तहत इस वर्ष अब तक 313 मामले दर्ज किए गए हैं और 517 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें 483 पुरुष और 34 महिलाएं शामिल हैं। नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई 37.84 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी जब्त की गई हैं। अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने अधिकारियों को नशा तस्करों के खिलाफ छापामारी अभियान तेज करने और उनसे सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। वह धर्मशाला स्थित एनआईसी सभागार में जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) समिति की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जब्त संपत्तियों में नूरपुर उपमंडल की 31.72 करोड़ रुपये, कांगड़ा की 5.46 करोड़ रुपये और देहरा उपमंडल की 65.52 लाख रुपये की संपत्तियां शामिल हैं।
विनय कुमार ने नशे की मांग कम करने के लिए जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने जिले के सभी सरकारी और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में गठित नशा निवारण क्लबों को सक्रिय करने तथा विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में नशे से संबंधित गतिविधियों की सूचना देने के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 की जानकारी वाली पट्टिकाएं लगाने को कहा। साथ ही, संबंधित विभागों को विभिन्न प्रचार माध्यमों से एंटी चिट्टा अभियान के संदेश नियमित रूप से प्रसारित करने और इसमें आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एसीपी आरपी जसवाल, जिला पंचायत अधिकारी सचिन, एसडीएम धर्मशाला मोहित, डीएसपी जेल संजीव कुमार, उपनिदेशक अजय समयाल एवं बलविन्दर गुलेरिया, एचआरटीसी से सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी (चिकित्सा) डॉ. अनुराधा और टांडा मेडिकल कॉलेज से डॉ. सुखजीत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उपमंडल स्तर पर गठित होंगी एनसीओआरडी समितियां
एडीसी ने सभी एसडीएम को जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की तर्ज पर उपमंडल स्तर पर भी जल्द समितियों का गठन करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत स्तर पर गठित समितियों की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए कहा कि उन्हें नशा तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी सक्रियता से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर सूचनाएं जुटाने में पंचायतों की अहम भूमिका है।