लंज की भटहेड़ पंचायत के कदरेटी गांव के इंद्रजीत के भाई सुभाष कुमार ने भी बगदादी के मारे जाने पर खुशी व्यक्त की। कांगड़ा के धमेटा के संदीप राणा की पत्नी चंद्रेश कुमारी ने कहा कि आतंकी सरगना की मौत से उनके पति की आत्मा को शांति मिलेगी।
वहीं सुंदरनगर के बायला गांव के मृतक हेमराज के परिवार वालों ने भी बगदादी के मारे जाने पर खुशी व्यक्त की। हेमराज की मौत के बाद से पत्नी निर्मला, पिता बेली राम और माता रोशनी देवी सहित अन्य रिश्तेदारों में आतंकी संगठन के प्रति भारी गुस्सा था।
बगदादी के खात्मे पर इसलिए मनाई खुशी
वर्ष 2014 में इराक में आतंकी संगठन आईएस जिसका सरगना अबु बकर अल बगदादी था, ने 40 भारतीय को बंदी बना लिया था। इसके बाद उन्हें मौत के घाट उतारकर शव वहीं मिट्टी में दफना दिए थे। मशक्कत के बाद भारत की पूर्व विदेशी मंत्री स्व. सुषमा स्वराज के प्रयासों के बाद मारे गए भारतीय के अवशेष वतन लाए जा सके थे।