बीते मंगलवार देर रात 02:45 बजे हाईवे चक्की मोड़ के समीप बंद हो गया था। इस कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया था। हालांकि, पुलिस को सूचना मिलने के बाद कई छोटी गाड़ियों को वैकल्पिक सड़क पर डायवर्ट किया था। एनएच को खोलने के लिए फोरलेन कंपनी ने सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया और करीब 10 घंटे बाद बुधवार को 12:45 बजे छोटे वाहनों को निकाला गया। लेकिन करीब 03:00 बजे फिर भारी मात्रा में भूस्खलन सड़क पर हो गया। थोड़ी देर के लिए हाईवे खुला लेकिन मूसलाधार बारिश होने के बाद बचा हुआ हिस्सा भी ढह गया। इसके बाद से सभी तरह के वाहनों की आवाजाही बंद हो गई थी।
शिमला से चंडीगढ़ व चंडीगढ़ से शिमला की ओर आने-जाने वाले भारी वाहनों के लिए पहले कि तरह ही ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया है। शिमला से चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले भारी वाहन शिमला से वाया कुनिहार नालागढ़, पिंजौर मार्ग का प्रयोग करेंगे। कुमारहट्टी से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले सभी भारी वाहन नाहन रोड का प्रयोग करेंगे। इसी तरह चंडीगढ़ से शिमला की ओर आने वाले सभी भारी वाहन कालाअंब, नाहन वाया कुमारहट्टी मार्ग या नालागढ़, रामशहर, कुनिहार, सोलन, शिमला मार्ग का प्रयोग कर सकते हैं।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे को मंगलवार को छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया है। बड़े वाहनों के लिए ट्रैफिक प्लान दिया गया है। यदि मौसम ठीक रहा तो बुधवार से इसे बसों के लिए भी खोल दिया जाएगा। - मनमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन