जबकि लोगों को भी सोलन से चंडीगढ़ जाने के लिए करीब 80 किमी का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। हालांकि फोरलेन का निर्माण कर रही कंपनी की ओर से मलबा हटाकर सड़क निर्माण शुरू कर दिया गया है। लेकिन एनएच खुलने में समय लग सकता है।
दूध-ब्रेड छोटे वाहनों से पहुंचाः सोलन में एनएच बंद होने के बाद रोजमर्रा का सामान ऊपरी हिमाचल में देरी से पहुंच रहा है। दूध-ब्रेड समेत अन्य दैनिक उपभोग की वस्तुएं छोटे वाहनों के जरिये भेजी जा रही हैं। वीरवार को यह सामान पहुंचने के बाद लोगों ने भी राहत की सांस ली है।
बस में कई किमी का अतिरिक्त सफर : बसों को भी कुमारहट्टी-नाहन-चंडीगढ़ भेजा जा रहा है। ऐसे में लोगों को कई किमी अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
चक्कीमोड़ के समीप क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्ग का जायजा लिया। एनएचएआई सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। - मनमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन
जिला पुलिस सोलन ने यातायात को वैकल्पिक सड़कों पर डायवर्ट किया है। शिमला से चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को वाया कुनिहार-नालागढ़-पिंजौर भेजा जा रहा है। कुमारहट्टी से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले सभी वाहन नाहन सड़क से भेजे जा रहे हैं। इनमें हल्के वाहनों को कुमारहट्टी-जोहड़जी वाया कामली सड़क से आवाजाही कर रहे हैं। वहीं चंडीगढ़ से शिमला की तरफ आने वाले हल्के वाहन परवाणू वाया कसौली-धर्मपुर और भारी वाहन कालाअंब-नाहन-कुमारहट्टी से अपर शिमला की ओर आ रहे हैं।
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे-पांच पर ढही सड़क पर पहाड़ी से मलबा हटाकर पहले सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से अगली योजना तैयार की जाएगी कि यहां पर पुल बनाना है या फिर डंगा लगाकर सड़क बनानी है। वीरवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तकनीकी टीम ने मौके का मुआयना किया। टीम ने कंपनी को सबसे पहले पहाड़ी से आए मलबे को हटाने के लिए निर्देश दिए।
इसी के साथ टीम ने कहा कि दोनों ओर से दिन-रात कार्य किया जाए। वहीं टीम ने पाया कि मशीनों से मलबा हटाते समय पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इस कारण मशीनों को पुन: वापस आना पड़ रहा है। हालांकि वीरवार दोपहर तक पोकलेन मशीन के जरिये दोनों ओर से मलबा हटाया गया। वहीं अभी यह भी नहीं बताया जा सकता है कि कितने दिनों में यह सड़क वाहनों के लिए खुलेगी। गौर रहे कि परवाणू से सोलन तक सड़क को फोरलेन में तब्दील करने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
हैरत यह है कि सड़क निर्माण के दौरान बनाई गईं निकासी नालियों में पानी की एक भी बूंद नहीं जा रही है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी आता है। इससे सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं 90 डिग्री पर की गई पहाड़ियों की कटिंग अब आफत बन रही है। संवाद
करीब एक वर्ष बाद खुली टनल: कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर करीब एक वर्ष बाद शमलेच टनल की ओर जाने वाली सड़क खोली गई है। इससे शिमला से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों को भेजा जा रहा है।
सड़क को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। कंपनी की मशीनें पहाड़ी से मलबा हटा रही हैं। लेकिन चक्कीमोड़ में पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इससे काफी दिक्कत आ रही है। वीरवार को तकनीकी टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। पहले यहां पर सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद आगामी योजना तैयार की जाएगी। - आनंद दहिया, प्रोजेक्ट मैनेजर, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
छह मील के पास बुधवार शाम 6:00 बजे से बंद हुआ मनाली-चंडीगढ नेशनल हाईवे 23 घंटों के बाद वीरवार शाम 5:00 बहाल हो गया है । भारी बारिश के बीच आवाजाही के लिए एनएच को कड़ी मशक्कत के बाद बहाल किया गया।