तारादेवी में सात हजार और कालीबाड़ी मंदिर में साढ़े तीन हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
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कालीबाड़ी मंदिर में सुबह 6:30 बजे हुई पूजा-अर्चना संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में तीसरे नवरात्र पर मां के दरबारों में हजारों श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे। शहर के कालीबाड़ी मंदिर में महिलाओं के भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय हो गया। तारादेवी में सात हजार और कालीबाड़ी मंदिर में साढ़े तीन हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
नवरात्र पर मंदिर परिसर न रोल माइये मैं रुल गइयां, तेरा दरबार भुल गइयां जैसे भजनों से गूंज उठा।कालीबाड़ी मंदिर में सुबह 6:30 बजे मां चंद्रघंटा के स्वरूप का शृंगार करने के बाद पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद मंदिर में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। दोपहर की आरती के समय भी सैकड़ों श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे। इस दौरान महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया। ढोलक, हारमोनियम और चिमटे की थाप पर श्रद्धालु खूब झूमे। मंदिर में दोपहर साढ़े बारह बजे से भंडारा भी शुरू हो गया था। दोपहर से शाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। वहीं शहर के तारादेवी मंदिर में सुबह 5:30 बजे मां की विशेष पूजा की गई और छह बजे आरती हुई।
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मंदिर के कपाट खुलते ही स्थानीय लोगों और पर्यटकों का दर्शनों के लिए पहुंचना शुरू हो गया। तारादेवी मंदिर के मुख्य पुजारी कमलेश शर्मा ने बताया कि मंदिर में सुबह से शाम तक करीब सात हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रही। इसके साथ ही लोग मेले का आनंद भी उठाते रहे। तारामाता और ढिंगु माता मंदिर में भी भीड़ उमड़ी थी।
दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियां तेज कालीबाड़ी मंदिर की कार्यनिर्वाहक समिति के सचिव डॉ. कल्लोल प्रामानिक ने बताया कि मंदिर के हॉल में मां दुर्गा की प्रतिमा को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्य 15 अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा। प्रतिमाओं का निर्माण बंगाल के कारीगर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मां दुर्गा के साथ माता सरस्वती, माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दुर्गा पूजा महोत्सव श्रद्धाभाव और बंगाल की परंपरा के अनुसार छठे नवरात्र से शुरू होगा। 21 अक्तूबर को प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।