एडीएम पंकज शर्मा की अगुवाई में गठित की है न्यायिक टीम
गोली चलने के समय मौजूद रहे लोगों के बयान होंगे कलमबद्ध अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला शिमला के उपमंडल रोहड़ू में देवता के धार्मिक अनुष्ठान के दौरान हर्ष फायरिंग मामले की जांच के लिए न्यायिक टीम शनिवार को कुलगांव पहुंची। एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा की अगुवाई वाली जांच टीम ने शनिवार को आयोजकों समेत 20 से ज्यादा प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ भी की है।
एडीएम ने आयोजकों से इस पूरे मामले को लेकर बात की। पूछा कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे। इन सभी के नाम जांच रिपोर्ट में शामिल किए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों से इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बयान भी कलमबद्ध किए जा रहे हैं। यह जांच टीम रविवार को भी आयोजकों और प्रत्यक्षदर्शियों से बयान लेगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को सौंपेगी। इस मामले में कोई प्रशासनिक चूक हुई है या नहीं, इस पर भी रिपोर्ट में जिक्र हो सकता है।
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गौरतलब है कि 26 अप्रैल को कुलगांव में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान चली गोली से एक महिला की मौत हो गई थी। घटना के समय रात को देवता के अनुष्ठान में सैकड़ों लोग पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नाच गा रहे थे। इसी दौरान अचानक कुछ लोगों ने हवा में हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना के बाद प्रशासन ने धार्मिक आयोजनों में हथियारों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया है। उपायुक्त ने इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। सात दिन के भीतर यह जांच रिपोर्ट उपायुक्त को पेश की जानी है।
कानून व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल
घटना ने धार्मिक आयोजनों में कानून और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय प्रशासन का दावा है कि इस धार्मिक आयोजन से पहले एक समन्वय बैठक आयोजित की थी। इसमें कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह के हथियार का प्रयोग न करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। हालांकि, इन आदेशों को मौके पर लागू करवाने को लेकर कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई थी जिसके चलते यह घटना हो गई।