विश्व पर्यावरण दिवस पर न्यायाधीश तरलोक सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी ने स्वच्छ पर्यावरण का महत्व सिखाया है। हम सभी ने लगभग दो साल से अधिक समय तक महामारी का सामना किया। ऑनलाइन माध्यम से न्यायाधीश तरलोक ने सोमवार को सामुदायिक सफाई अभियान को प्रदेश भर में शुरू किया। इसमें रिकॉर्ड 4,748 संस्थानों ने भाग लिया और राज्य के 200 स्थानों से 7,000 से अधिक लोग हुए शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए जरूरी है कि धरती माता और इसके संसाधनों का उचित उपयोग और रख-रखाव करें, यह हमारी पहली और सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पर्यावरण अत्यधिक प्रदूषित और विषाक्त पदार्थों से भरता जा रहा है, जिसका हमारे स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने सभी को पर्यावरण में सुधार करने के लिए तथा पर्यावरण की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने के लिए सभी को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हमारे कुछ छोटे-छोटे कदम एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि जितना संभव हो सके प्लास्टिक का उपयोग बंद करें। पौधे लगाएं और देखभाल भी करें। 1 जून, 2023 को सामुदायिक सफाई अभियान शुरू किया गया था। सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान के दौरान लगभग 8,000 ग्राम पंचायतों, महिला मंडलों, युवक मंडलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और 1600 से अधिक गैर सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि ने भाग लिया जिन्हें पर्यावरण और स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
कुल्लू की तीर्थन घाटी पहुंचे मुख्य न्यायाधीश
जिला कुल्लू में पर्यटन सीजन में देशभर पर्यटकों के साथ वीवीआईपी भी देवभूमि कुल्लू की वादियों में पहुंच रहे हैं। सोमवार सुबह करीब 10:00 बजे पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा परिवार सहित तीर्थन घाटी पहुंचे। वे कुल्लू जिले में कुछ दिन रुकेंगे और सुहावने मौसम का आनंद लेंगे। उधर, सोमवार को पर्यावरण दिवस के मौके पर उन्होंने शाईरोपा में पौधरोपण भी किया।