हिमाचल प्रदेश भाजपा ने जुब्बल-कोटखाई में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने पर 20 और पदाधिकारी छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिए। भाजपा किसान मोर्चा से चार, अनुसूचित जाति मोर्चा से पांच और जिला महासू से 11 पदाधिकारी बाहर किए गए। यह कार्रवाई जुब्बल-कोटखाई से भाजपा प्रत्याशी नीलम सरैईक के खिलाफ प्रचार करने के आरोप में की गई है। किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राकेश शर्मा बबली ने प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महावीर जगटा, महासू के जिला उपाध्यक्ष किताब सिंह नेगी, जिला सचिव राजिंद्र चौहान और मंडल अध्यक्ष मनोज सूंटा को निष्कासित किया। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा महासू के जिला उपाध्यक्ष सतीश हेमटा, जिला महामंत्री मोती लाल, जिला सचिव शक्ति सिंह, सोशल मीडिया के जिला सह संयोजक रविंद्र रावल और मंडल अध्यक्ष अनंत लाल केस्टा को निष्कासित किया गया।
जिला महासू के अध्यक्ष अजय श्याम ने मंडल उपाध्यक्ष महावीर झगटा, जिला उपाध्यक्ष इंद्र चौहान, मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र धौलटा के अलावा कार्यसमिति सदस्य कृष्ण चंद मांटा, वीरेंद्र चौहान, नरेंद्र चौहान, अशोक चौहान, निक्कम सिंह बालटू, बलवीर ठाकुर, श्याम शर्मा और मोहिंद्र झगटा को निष्कासित किया है। इससे पहले युवा मोर्चा और महिला मोर्चा पदाधिकारी भी निष्कासित किए जा चुके हैं। कुछ दिन पहले ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने पार्टी के 13 नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित करने के आदेश जारी किए थे।
निष्कासित कार्यकर्ताओं को नहीं होगी वापसी: कश्यप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा है कि उपचुनाव में जिन पदाधिकारियों को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया गया है। उनकी वापसी नहीं होगी। भाजपा अनुशासित राजनीतिक दल है और किसी भी तरह की पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बात को अविनाश राय खन्ना और संजय टंडन ने कई बार कार्यक्रमों में भी दोहराया है। अनुशासन भाजपा की रीढ़ की हड्डी है। हर कार्यकर्ता को पार्टी की नीतियों पर पूरा विश्वास है। भाजपा का संगठन बूथ स्तर तक मजबूत है और इन उपचुनाव में सभी कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ काम कर रहे हैं। सत्ता का सेमीफाइनल भी वे जीतेंगे और वर्ष 2022 का फाइनल भी। कांग्रेस इन चुनाव में कहीं भी मुकाबले में नहीं है। हिमाचल से कांग्रेस का सफाया तय है।