केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के हिमाचल में मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल होने के बयान पर प्रदेश भाजपा में सनसनी फैल गई है। अब तक प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री पद के अकेले दावेदार रहे हैं।
लेकिन नड्डा के हिमाचल की राजनीति में सक्रिय होने के बाद वह भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल माने जा रहे हैं। रविवार को नड्डा के बयान ‘पार्टी चाहेगी तो बनूंगा सीएम पद का उम्मीदवार’ पर भाजपा में अंदरूनी सियासत और गरमा गई है।
प्रदेश भाजपा समझ नहीं पा रही है कि इस स्थिति से कैसे निपटा जाए। सोमवार को पत्रकारों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती से इस बारे में पूछा तो उनका जवाब था- सीएम पद को लेकर पार्टी आलाकमान निर्णय लेता है और ठीक ही लेगा। यह उनके क्षेत्राधिकार से बाहर है।
धूमल ने मामले में कुछ भी कहने से किया इंकार
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल
प्रो. प्रेम कुमार धूमल विपक्ष के नेता हैं तो जेपी नड्डा केंद्र में मंत्री हैं। धूमल इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं। उधर, भाजपा प्रशिक्षण शिविर के आखिरी दिन भी यह खूब चर्चा में रहा।
पार्टी पदाधिकारियों की निगाहें इस मामले में वक्ताओं के संकेतों पर टिकी रहीं। शिविर के अंतिम दिन भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल ने अपने भाषण में संतुलन साधते हुए दोनों नेताओं की प्रतिष्ठा को बराबर महत्व दिया।
इस मसले के चलते यह मुद्दा एक तरह से अन्य सभी मसलों पर आखिरी दिन हावी हो गया। ये मालूम रहे कि नड्डा पिछले कुछ समय से हिमाचल में खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। इस सक्रियता को अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से जोड़ा जा रहा है।
पार्टी आलाकमान के करीबियों में शामिल हैं नड्डा
जेपी नड्डा
पार्टी आलाकमान से खास नजदीकी बना चुके जेपी नड्डा केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के भी करीबी हैं। गडकरी के हिमाचल के हाल के तीन दौरों में जेपी नड्डा भी उनके साथ-साथ रहे।
अल्पकाल में ही नड्डा की उपस्थिति में चार दर्जन नेशनल हाईवे की घोषणाएं कर हिमाचल के लोगों को न केवल खुश किया है, बल्कि चौंका भी दिया है। इन घोषणाओं का श्रेय जेपी नड्डा को ही दिया जाने लगा है।
हिमाचल में अपने गृह जिले बिलासपुर के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा एम्स लाने में भी कामयाब रहे हैं। प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी लगातार सक्रियता बनी हुई है। इससे नड्डा अपनी केंद्रीय पैठ दिखाते हुए हिमाचल में विकास की तस्वीर पेश कर रहे हैं।
अब बीते रविवार को उनके बयान से प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा हुई है। वहीं, नई जद्दोजहद या धर्मसंकट में पडे़ भाजपा के तमाम नेता इस विषय पर खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।
दावेदारी पर बोले धूमल सीएम बीजेपी का होगा
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल
पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सिंगल डिजीट पर जाएगी। चुनाव होता है और इसका महत्व होता है। उन्होंने कहा कि माहौल बन रहा है और सभी मुद्दों को उठाया जाएगा।
आगामी विस चुनाव में भाजपा के सीएम पद को लेकर पूछे प्रश्न पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बीजेपी का ही होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनसभाओं में कह चुके हैं कि 1372 फोन टैप हुए हैं जबकि चालान में दो ही फोन टैप होने की सूचना दी गई है।
अदालत ने इस एफआईआर को क्रैश कर दिया है। कहा कि कोई भी फोन गलत तरीके से टैप नहीं हुआ है। वह किसी चुनाव को आसान नहीं मानते हैं। संगठन के माध्यम से तैयारी करेंगे और इसी के चलते निश्चित तौर पर सिंगल डिजिट पर जाएगी।
ऐसा मान कर हम चलते हैं। कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित पार्टी है और कार्यकर्ता से ही पार्टी चलती है। चार दिन एक साथ रहकर विभिन्न चीजों को लेकर मंथन किया गया है। हमारा दायित्व व लक्ष्य को लेकर सजग व लक्ष्य होते हैं।