सूबे के राशन डिपो में उपभोक्ताओं को न तो चीनी मिल रही है और न ही रिफाइंड तेल। इस महीने के कोटे में अधिकांश उपभोक्ताओं को सिर्फ आटा, चावल और दालें ही मिली हैं जबकि अन्य रास्ता राशन डिपो तक पहुंचा ही नहीं है।
यहीं नहीं आईआरडीपी राशनकार्ड उपभोक्ताओं को भी डिपो में सस्ता राशन नहीं मिला है। हिमाचल में राशनकार्ड उपभोक्ताओं की संख्या 18 लाख है जिन्हें बार-बार राशन के लिए डिपो के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
खाद्य आपूर्ति निगम ने तेल और चीनी के टेंडर किए हैं। निगम की ओर से यह मामला प्रदेश सरकार को भेजा गया है। सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद ही खाद्य आपूर्ति निगम चीनी और खाद्य तेल के टेंडर करेगा।