नड्डा ने कहा कि हमारे यहां पानी वाले मुख्यमंत्री, सड़क वाले मुख्यमंत्री रहे हैं और संवेदनशील मुख्यमंत्री हैं। इस तरह से नड्डा ने नाम लिए बगैर शांता कुमार और प्रेमकुमार धूमल के कार्यकाल को भी याद किया।
राजनीति संजौली के नीचे ही छूटती है
नड्डा ने भाजपा कार्यकर्ताओं को दो मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता न तो राजनीति को पार्ट टाइम मानें और न ही इसे शौक की तरह ही लें। इसे लोगों के जीवन को बदलने का माध्यम बना लें।
दूसरी बात उन्होंने यह कही कि राजनीति में प्रवेश होता है, इसमें एग्जिट नहीं है। इससे आदमी केवल तभी जाता है, जब वह संजौली के नीचे पहुंचता है। संजौली के नीचे से नड्डा का अभिप्राय संजौली श्मशानघाट से था।