हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर से ताल्लुक रखने वाले धावक सावन बरवाल ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में इतिहास रच दिया है।
सावन ने शनिवार को पुरुषों की मैराथन में रजत पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया। उन्होंने 42.195 किलोमीटर की दौड़ 2 घंटे 11 मिनट 36 सेकंड में पूरी की। इस प्रदर्शन के साथ सावन ने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर कर दिया।
इससे पहले अप्रैल में रॉटरडैम मैराथन में उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का समय निकालकर 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। सावन की इस उपलब्धि से भारत का एशियाई खेलों में पुरुष मैराथन पदक का 44 साल का इंतजार भी खत्म हुआ है।
जापान के इचिटाका यामाशिता ने स्वर्ण जीता
भारत ने इससे पहले 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों में पुरुष मैराथन में पदक जीता था। सावन एशियाई खेलों के इतिहास में मैराथन पदक जीतने वाले भारत के चौथे धावक बन गए हैं। दौड़ में जापान के इचिटाका यामाशिता ने स्वर्ण और चीन के फेंग पेइयू ने कांस्य पदक जीता।
सावन पूरी दौड़ में अग्रणी धावकों में बने रहे। 21 किलोमीटर के पड़ाव पर वह दूसरे स्थान पर थे और 35 किलोमीटर तक पदक की स्थिति में कायम रहे। अंतिम चरण में जापानी धावक ने बढ़त बना ली, लेकिन सावन ने अपनी रफ्तार बनाए रखते हुए रजत पदक पक्का किया।
सावन की जीत से खुशी का माहौल
सावन के पहले खेल प्रशिक्षक गोपाल ठाकुर ने उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जताई है। जोगिंद्रनगर और मंडी जिले में सावन की जीत से खुशी का माहौल है। इससे पहले सावन ने इसी साल रॉटरडैम मैराथन में 2:11:58 का समय निकालकर शिवनाथ सिंह का 1978 से कायम 2:12:00 का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था।