प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले 1688 अप्रशिक्षित शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन के लिए आवेदन करने वाले इन शिक्षकों की अभी तक वेरिफिकेशन नहीं हुई है।
स्कूल प्रिंसिपलों को ऑनलाइन ही यह वेरिफिकेशन करनी है लेकिन प्रिंसिपलों की लेटलतीफी के चलते अप्रशिक्षित शिक्षकों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर हर हालात में 25 नवंबर तक वेरिफिकेशन करने के आदेश जारी किए हैं।
प्राइमरी कक्षाएं पढ़ाने के लिए केंद्र सरकार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) करना अनिवार्य किया है। 31 मार्च 2019 के बाद सरकारी और निजी स्कूलों में डीएलएड किए बिना कोई भी शिक्षक प्राथमिक कक्षाओं को नहीं पढ़ा सकेगा।