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प्रदेश के 1688 शिक्षकों की नौकरी पर मंडाराया संकट, ये है वजह

Wed, 22 Nov 2017 01:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले 1688 अप्रशिक्षित शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन के लिए आवेदन करने वाले इन शिक्षकों की अभी तक वेरिफिकेशन नहीं हुई है। 
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स्कूल प्रिंसिपलों को ऑनलाइन ही यह वेरिफिकेशन करनी है लेकिन प्रिंसिपलों की लेटलतीफी के चलते अप्रशिक्षित शिक्षकों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर हर हालात में 25 नवंबर तक वेरिफिकेशन करने के आदेश जारी किए हैं। 

प्राइमरी कक्षाएं पढ़ाने के लिए केंद्र सरकार डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) करना अनिवार्य किया है। 31 मार्च 2019 के बाद सरकारी और निजी स्कूलों में डीएलएड किए बिना कोई भी शिक्षक प्राथमिक कक्षाओं को नहीं पढ़ा सकेगा।
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ये है पूरा मामला

केंद्र सरकार ने डीएलएड के प्रति शिक्षकों को जागरूक करने के लिए बीते कई माह से मुहिम चलाई हुई है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश से 1072 अप्रशिक्षित शिक्षकों ने डीएलएड के लिए अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। 

डीएलएड करने के लिए स्कूल प्रिंसिपलों की वेरिफिकेशन जरूरी है। लेकिन 1688 शिक्षकों की अभी तक वेरिफिकेशन नहीं हुई है। केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल सरकार को जारी पत्र में बताया गया है कि बीते कुछ दिनों से वेरिफिकेशन का काम बिल्कुल बंद हो गया है। 

केंद्र ने जल्द से जल्द वेरिफिकेशन करने के आदेश दिए हैं। उधर, केंद्र से पत्र जारी होने के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को सभी जिला उपनिदेशकों को 25 नवंबर तक वेरिफिकेशन का काम पूरा करवाने के आदेश जारी किए हैं।
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