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JOA IT Paperleak: आरोपी उमा के बेटे, दलाल ने पहले भी उत्तीर्ण की है जेओए आईटी की परीक्षा

Thu, 29 Dec 2022 11:35 AM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर

सार

एसआईटी ने कहा कि इस मामले में आयोग के सचिव और उपसचिव की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, ऐसे में इन्हें हमीरपुर से बाहर नहीं भेजा जा सकता। बुधवार को एसआईटी ने इन दोनों से भी लंबी पूछताछ की।
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जेओए आईटी पेपर लीक मामले में महिला आरोपियों को न्यायालय ले जाती एसआईटी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के जेओए आईटी भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में नामजद छह आरोपियों में से दो पूर्व में आयोजित जेओए आईटी की भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह पोस्ट कोड 817 की परीक्षा थी या पोस्ट कोड 939 की। जेओए आईटी का एक मामला अभी तक न्यायालय में चल रहा है। जिन दो आरोपियों ने यह परीक्षा उत्तीर्ण की है, उसमें एक वरिष्ठ सहायक उमा आजाद का छोटा बेटा निखिल आजाद और दूसरा दलाल संजीव कुमार शामिल है।

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जेओए आईटी भर्ती परीक्षा का पेपर इसी वर्ष मंडी में भी लीक हुआ था, जिस पर मंडी पुलिस ने मामला दर्ज किया था। उस दौरान पूर्व भाजपा सरकार ने एसआईटी गठित की थी। बाद में सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद आयोग ने इस भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित किया। लेकिन, वर्तमान में इस भर्ती का मामला भी न्यायालय में है। बुधवार को एसआईटी की ओर से की गई पूछताछ के दौरान संजीव कुमार और निखिल आजाद से इस बात का खुलासा हुआ है।

अब एसआईटी इस बात की जांच कर रही है कि जिस परीक्षा को इन्होंने उत्तीर्ण किया है, कहीं उस परीक्षा का प्रश्नपत्र भी लीक हुआ है या अपनी मेहनत की दम पर इन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण की है। वहीं, गत दिवस प्रदेश सरकार ने आयोग के सचिव जितेंद्र कंवर और उप सचिव संजीव कुमार शर्मा को आयोग से हटाकर शिमला स्थित कार्मिक विभाग में उपस्थित होने के आदेश दिए थे। सचिव के पद पर सरकार ने एडीसी हमीरपुर जितेंद्र सांजट को ओएसडी नियुक्त किया है। जितेंद्र सांजट ने आयोग में ज्वाइन करने के बाद सचिव को रिलीव कर दिया। लेकिन, अभी एसआईटी ने सचिव और उप सचिव के शिमला जाने पर रोक लगा दी।
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एसआईटी ने कहा कि इस मामले में आयोग के सचिव और उपसचिव की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, ऐसे में इन्हें हमीरपुर से बाहर नहीं भेजा जा सकता। बुधवार को एसआईटी ने इन दोनों से भी लंबी पूछताछ की। इसके अलावा आयोग के चेयरमैन डॉ. संजय ठाकुर और सदस्यों से भी एसआईटी ने सवाल जवाब किए हैं। एक आरोपी अभ्यर्थी तनु शर्मा हमीरपुर की बोहणी पंचायत की रहने वाली है। उसके पति, भाई और बहनोई तीनों सरकारी नौकरी में अच्छे पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।

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