अभ्यर्थियों मनोज, सुशील, रेखा, राहुल का कहना है कि पहले वे शिमला में 36 दिन तक कड़ी ठंड में चौड़ा मैदान में बैठे रहे और अब फिर से जब चयन आयोग हमीरपुर ने तारीख पर तारीख दी जा रही है। बरसात में आयोग के बाहर बैठने के लिए युवा मजबूर हैं। उनके एक साथी डेंगू तक की चपेट में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में निर्णय आ चुका है लेकिन आयोग परिणाम घोषित करने में बेवजह की देरी कर रहा है। बिना कोई कारण बताए अब तैयार किए गए परिणाम को घोषित करने के बजाए अभ्यर्थियों को बरसात के मौसम में आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थीं पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक नतीजा घोषित नहीं होंगे वह धरने पर बैठे रहेंगे।