नवंबर माह से शहरवासियों को बसों की किल्लत से निजात मिलेगी तो हाईटैक बसों में हादसों की संभावना भी न के बराबर होगी।
नवंबर माह में शिमला के लोगों को नीले रंग की मिडी बसों का तोहफा मिलेगा। जेएनएनयूआरएम -2 में शिमला-सोलन कलस्टर को अगले महीने 90 मिडी बसें मिलेंगी। इनमें से 65 बसें राजधानी शिमला में चलेंगी। 25 बसें सोलन के लिए होंगी।
हादसों पर अंकुश लगाने के लिए इन बसों को पैसेंजर सेफ्टी सिस्टम से लैस किया गया है। बसों की डिलीवरी लेने से पहले फाइनल इंस्पेक्शन के लिए एचआरटीसी के प्रतिनिधियों की टीम लखनऊ रवाना होने वाली है।
नवंबर माह से शहर में चलने वाली नई बसों का रंग नीला होगा। आरामदायक सफर के लिए बसों को लो फ्लोर डिजाइन किया गया है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बसों की ग्राउंड क्लीयरेंस पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
बसों के लिए 90 फीसदी बजट केंद्र सरकार और 10 फीसदी बजट प्रदेश सरकार की ओर से दिया गया है। नई बसों के लिए एचआरटीसी वर्कशापों का भी आधुनिकीकरण हो रहा है। बसों के निर्बाध संचालन के लिए आईटीएस टर्मिनल और कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है।
दरवाजे बंद होने पर चलेगी बस
पैसेंजर सेफ्टी सिस्टम से लैस यह बसें दरवाजे पूरी तरह बंद होने के बाद ही चलेंगी। पूरी तरह ब्रेक लगने के बाद ही बस के दरवाजे खुल सकेंगे। जब तक दरवाजा खुला रहेगा, बस नहीं चलेगी। बस के दरवाजों का पूरी तरह से कंट्रोल ड्राइवर के पास होगा।
मिडी बसों में खड़े होकर सफर करना भी सुविधाजनक होगा। बसों में सीटों के बीच गेलरी के लिए अधिक जगह रखी गई है। खड़े होकर सफर करने वालों के लिए विशेष रेलिंग लगाई गई है। कुल मिलाकर बस में कई सुविधाएं दी गई हैं।
नई बसें स्किड होकर दुर्घटनाग्रस्त नहीं होंगी। यह बसें एंटी स्किड ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) से लैस हैं। सर्दी में बर्फबारी के दौरान यह बसें सामान्य बसों के मुकाबले अधिक सुरक्षित तरीके से चलेंगी।
शहर तथा आसपास चलने वाली मिडी बसें 36 सीटर होंगी। जेएनएनयूआरएम में एचआरटीसी को 4 एसी (वातानुकूलित) बसें भी मिलेंगी।
ये होंगी सुविधाएं
जीपीएस कनेक्टिविटी, सीसीटीवी कैमरे, विकलांगों के लिए व्हील चेयर, छतों पर कैरियर की सुविधा, स्पीड लिमिटिंग सिस्टम
दूसरे हफ्ते में पहुंचेंगी बसें: गुप्ता
शहरी परिवहन बस अड्डा प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण महाप्रबंधक एचके गुप्ता ने बताया कि नवंबर माह के दूसरे हफ्ते में नई बसें पहुंचनी शुरू हो जाएंगी। सुरक्षा के लिहाज से बसें पैसेंजर सेफ्टी सिस्टम से लैस हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने और यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा के लिए बसों का संचालन होगा।