इटालियन वैरायटी के जैरोमाइन सेब ने मार्केट में दस्तक देते ही कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फल मंडी ढली (शिमला) में जैरोमाइन सेब की 28 किलो की पेटी 3100 रुपये में बिकी। इसकी बोली दो हजार रुपये से शुरू हुई थी।
हिमाचल की दूसरी किस्मों के सेब के दाम मार्केट में काफी डाउन चल रहे हैं। वहीं, जैरोमाइन सेब के मार्केट में आते ही अन्य किस्मों के सेब के दामों में एकाएक उछाल आने की उम्मीद बंध गई है।
जैरोमाइन सेब की फल मंडी में शानदार दस्तक हुई है। इससे पहले दूसरी किस्मों के सेब के दाम बागवानों को उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल रहे थे। इनकी सेब की पेटियां 2400 रुपये से ऊपर नहीं बिक रही थीं। ऐसे में जैरोमाइन सेब की दस्तक से बागवान भी खुश हैं।
सेब के दामों में आए एकाएक उछाल से अब बागवानों के दिल्ली, चंडीगढ़ तथा अन्य बाहरी राज्यों में सेब बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। शिमला में ही बागवान सेब बेचकर अच्छी कमाई कर सकेंगे।
जैरोमाइन सेब की वैरायटी आरएमएस ऑर्चड बखोल कोटखाई से मंडी में आई थी। बागवान संजीव चौहान ने कहा कि बीते 15 दिन से सेब की मार्केट डाउन चल रही थी। उनकी सेब की पेटी इतनी महंगी बिकेगी, ऐसी उन्हें भी उम्मीद नहीं थी।
उन्होंने कहा कि जैरोमाइन सेब के अच्छे दाम मिलने से उन्हें बाहरी राज्यों में सेब बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ढली सेब मंडी के आढ़ती सुशील ठाकुर ने बताया कि अब तक मार्केट में 2500 रुपये सबसे महंगी सेब की पेटी बिकी है।
रॉयल सेब 2000 से लेकर 2500 रुपये बिक रहा था। रेड गोल्डन वैरायटी के सेब की भी 15 सौ रुपये से 2000 रुपये के बीच बोली लग रही थी। जैरोमाइन सेब ने बागवानों के सेब के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद जगा दी है।