प्रदेश सरकार अलग-अलग खेल खेलने वाली बेटियों के साथ दोहरा व्यवहार कर रही है। एक बेटी जिसे क्रिकेट खेल में सिलवर मेडल मिला है, उसे सरकार ने डीएसपी का पद देने की बात कही है, वहीं, एक बेटी वह है जिसने कबड्डी में अपनी टीम के लिए गोल्ड मेडल लाया है।
लेकिन आज तक प्रदेश सरकार इस बेटी के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। सिरमौर की रहने वाली प्रियंका नेगी के पिता कंवर सिंह नेगी ने यह आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को सरकार ने पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पोस्ट दी है।
उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने वर्ष 2011 में श्रीलंका में हुए साउथ एशियन कबड्डी मैच में गोल्ड मेडल, वर्ष 2012 में भारत के पटना में हुए मुकाबलों में गोल्ड और 2013 में तीसरी एशियन कबड्डी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल किया है।
उसके बाद वर्ष 2016 में साउथ एशियन कबड्डी टूर्नामेंट गुवाहटी में भी गोल्ड मेडल हासिल किया है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में बेटियों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जा रहा है, यह गलत है।
प्रियंका के पिता ने बताया कि उनकी बेटी के पास गोल्ड, सिल्वर और ब्रांउज को मिला कर सोलह मेडल हैं, लेकिन प्रदेश की सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। सरकार चाहती तो ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ियों की लिस्ट मंगवाकर उन्हें बेहतर पद दे सकती थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।