प्रदेश में अवैध निर्माण के लिए जूनियर इंजीनियर जिम्मेदार होगा। सरकार ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के जूनियर इंजीनियरों को निर्देश दिए हैं वे फील्ड में तैनात रहें और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आएं। अगर जूनियर इंजीनियर के एरिया में अवैध निर्माण होगा है तो सरकार इन इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
सरकार को लगातार अवैध निर्माण की शिकायतें मिल रही हैं। इसके चलते सरकार ने इन इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय की है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एरिया ने भवन निर्माण को लेकर गाइडलाइन तय की है। टीसीपी के दायरे में बिना अनुमति से भवनों का निर्माण नहीं होगा। एक्ट में अवैध निर्माण को तोड़ने का भी प्रावधान किया गया है।
विभाग का कहना है कि चार बिस्वा प्लॉट में भवन निर्माण के दौरान फ्रंट से दो मीटर और अन्य तीन किनारों से डेढ़-डेढ़ मीटर सेटबैक छोड़ना अनिवार्य है। अगर कोई भवन मालिक सेटबैक नहीं छोड़ता है तो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग उसे बिजली और पानी का एनओसी नहीं देगा।
अगर भवन मालिक अधिकारियों की मिलीभगत से बिजली और पानी कनेक्शन ले लिए हैं तो भवन मालिक के साथ उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि टीसीपी के एरिया में अवैध निर्माण को लेकर जूनियर इंजीनियरों की ड्यूटियां फिक्स कर दी हैं। अगर अवैध निर्माण होता है तो भवन मालिक के साथ साथ जेई पर भी कार्रवाई होगी। विभाग को इस बारे में आदेश दिए गए हैं।