कुछ अभ्यर्थियों ने इस प्रावधान को यह कह कर चुनौती दी थी कि टेट केवल अध्यापक होने की आधारभूत योग्यता को दर्शाता है न कि यह नौकरी के लिए किसी प्रतियोगी परीक्षा में मेरिट को। इस दौरान सरकार ने टेट की मेरिट के आधार पर हो रही भर्ती प्रक्रिया को जारी रखा लेकिन चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किये।
ट्रिब्यूनल ने 30 अगस्त 2017 को इस नियम को खारिज कर दिया और 700 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने का मामला लटक गया। सरकार ने ट्रिब्यूनल में पुनर्विचार याचिका दायर कर 11 जनवरी 2018 को टेट की मेरिट पर आधारित पुरानी भर्ती प्रक्रिया को जारी रखने की इजाजत ले ली।
अभ्यर्थी राकेश कुमार ने ट्रिब्यूनल के इन आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी और 23 फरवरी को हाईकोर्ट ने जेबीटी के स्वीकृत 700 पदों को टेट की मेरिट से भरने पर रोक लगा दी।