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जेबीटी भर्ती पर नहीं हुआ फैसला, मामले पर अंतिम सुनवाई इस दिन

Wed, 18 Apr 2018 08:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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जेबीटी के 700 पद भरने के मामले पर मंगलवार को हाईकोर्ट में कोई फैसला नहीं हुआ। मामले पर सुनवाई तीन सप्ताह के लिए टल गई। राज्य सरकार टेट मेरिट पर इन पदों को भरना चाहती है जबकि मौजूद हालात में ऐसे कोई नियम ही नहीं है। जो नियम सरकार ने इस बाबत बनाए थे, उन्हें ट्रिब्यूनल ने बीते वर्ष 30 अगस्त को निरस्त कर दिया था।

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इसके बाद सरकार ने दोबारा से नए नियम बनाए जिसके तहत अब भर्ती 50 फीसदी बैच वाइज व 50 फीसदी चयन आयोग के माध्यम से करने का नियम बनाया गया है। इन नए नियमों के बावजूद सरकार ने निरस्त हुए नियमों के तहत ही भर्ती को अंतिम रूप देने की इजाजत कोर्ट से मांगी थी जिसे न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने पिछली सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था।

हालांकि कोर्ट ने सरकार का आवेदन खारिज करते हुए कहा था कि सरकार मौजूदा नियमों के तहत जेबीटी के पदों को भरने के लिए स्वतंत्र है। अब इस मामले पर आठ मई को अंतिम सुनवाई होगी। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012 में जेबीटी के पदों को भरने के लिए टेट की मेरिट को आधार बनाया था।

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ट्रिब्यूनल ने खारिज की थी भर्ती

कुछ अभ्यर्थियों ने इस प्रावधान को यह कह कर चुनौती दी थी कि टेट केवल अध्यापक होने की आधारभूत योग्यता को दर्शाता है न कि यह नौकरी के लिए किसी प्रतियोगी परीक्षा में मेरिट को। इस दौरान सरकार ने टेट की मेरिट के आधार पर हो रही भर्ती प्रक्रिया को जारी रखा लेकिन चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किये।

ट्रिब्यूनल ने 30 अगस्त 2017 को इस नियम को खारिज कर दिया और 700 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने का मामला लटक गया। सरकार ने ट्रिब्यूनल में पुनर्विचार याचिका दायर कर 11 जनवरी 2018 को टेट की मेरिट पर आधारित पुरानी भर्ती प्रक्रिया को जारी रखने की इजाजत ले ली।

अभ्यर्थी राकेश कुमार ने ट्रिब्यूनल के इन आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी और 23 फरवरी को हाईकोर्ट ने जेबीटी के स्वीकृत 700 पदों को टेट की मेरिट से भरने पर रोक लगा दी।
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