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Shimla News: जनवादी महिला समिति ने चुराह के विधायक से मांगा इस्तीफा

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उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर डीसी के माध्यम से सीएम को भेजा मांगपत्र
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विधायक की सदस्यता को तुरंत रद्द करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और एसएफआई ने चंबा के चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक हंसराज पर युवती द्वारा लगाए यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद विधायक से इस्तीफा मांगा है। दोनों संगठनों ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर विधायक के खिलाफ नारेबाजी की।

वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और आपराधिक घटनाओं को रोकने तथा इसमें संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। महिला समिति के इस प्रदर्शन के बाद दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने उपायुक्त शिमला के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा। प्रदर्शन के दौरान महिला समिति की महासचिव फालमा चौहान ने कहा कि युवती ने पिछले वर्ष भी विधायक के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए थे लेकिन युवती और उसके परिजनों को डरा धमकाकर शांत करवा दिया गया। युवती के विधायक पर लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। विधायक हंसराज को दिखावे के लिए गिरफ्तार किया गया उसे अब अदालत से जमानत मिल चुकी है। फालमा ने कहा कि पॉक्सो एक्ट के तहत विधायक को जमानत कैसे मिली, यह सवाल हर किसी के जहन उठ रहा है, जबकि पॉक्सो एक्ट में जमानत नहीं मिलती। उन्होंने युवती का यौन शोषण करने वाले जन प्रतिनिधि विधायक हंस राज की तुरंत गिरफ्तारी और विधानसभा की सदस्यता को तुरंत रद्द करने की मांग की।
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अध्यक्ष रंजना जरेट और महासचिव फालमा ने कहा कि विधायक अपने पद और प्रभाव के चलते पुलिस की जांच को प्रभावित कर सकता है, इसलिए आरोपी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इस मामले की जांच के लिए सरकार रिटायर्ड उच्चाधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन कर निष्पक्ष जांच करें, जिससे युवती को न्याय मिल सके।
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स्कूलों में हो रही छेड़खानी की घटनाएं : रंजना
रंजना जरेट ने कहा कि महिलाएं अपना वोट एक विधायक को देती है और उसे चुनकर विधानसभा में भेजती है, उसके ऊपर लगे आरोपों से जाहिर है कि ऐसे जन प्रतिनिधियों से महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। एसएफआई नेता कृतिका नेगी ने कहा कि बेटियां आज स्कूल कॉलेजों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। स्कूलों में भी लड़कियों के साथ छेड़खानी की घटनाएं आ रही हैं। सरकार स्कूल बंद कर रही है, जिससे छात्राएं घर से स्कूल कॉलेज दूर होने पर अभिभावक उनको आगे पढ़ाने भेजने से कतराने लगे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो जनवादी महिला समिति इसके खिलाफ आंदोलन तेज करेगी।
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