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देश के साथ देवभूमि हिमाचल में भी जनता कर्फ्यू सफल, घरों के आंगन तक में नहीं निकले लोग

Sun, 22 Mar 2020 07:57 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना वायरस से निपटने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार को देश के साथ देवभूमि हिमाचल में भी जनता कर्फ्यू पूरी तरह सफल रहा। सुबह से ही सड़कें और बाजार सुनसान रहे, दुकानों में ताले लगे रहे। बाजारों में राशन, दूध और दवा की दुकानें भी नहीं खुलीं। प्रदेश की सड़कों पर कोई वाहन नहीं दौड़ा। राजधानी शिमला का ऐतिहासिक रिज मैदान पहली बार पूरी तरह खाली रहा।

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हिमाचल में यह कर्फ्यू सोमवार सुबह सात बजे तक रहेगा। हिमाचल के इतिहास में पहली बार कोई कर्फ्यू इतना सफल रहा। प्रधानमंत्री के आह्वान पर शाम पांच बजे से पूर्व ही लोगों ने ताली, थाली, नगाड़े, देव वाद्य यंत्र, शंख, पटाखे बजाकर कोरोना वायरस को भगाने का प्रयास किया। लोगों ने हर उस व्यक्ति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की जो अपनी जान जोखिम में डालकर आम लोेगों को जागरूक करने और कोरोना प्रभावित लोगों को स्वस्थ रखने के लिए हरसंभव प्रयास करने में जुटा है।

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने-अपने आवास पर घंटियां और ताली बजाकर अपना योगदान दिया। प्रदेश भर में पेट्रोल पंप भी बंद रहे। अपवाद के तौर पर सूबे में कई जगह शराब के ठेके खुले दिखे, हालांकि पुलिस ने इन्हें बंद भी करवाया। तीन उद्योग और कुछ दुकानें खुली रहीं। कुछ पर केस भी दर्ज किए गए। 
 
ओकओवर में एक्टिव रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अधिकारियों से कर्फ्यू के बारे में लगातार जानकारियां लेते रहे। वह अपने सरकारी आवास ओकओवर से इस संबंध में तमाम सूचनाएं जुटाते रहे। मुख्य सचिव अनिल कुुमार खाची भी प्रदेश भर में लगे कर्फ्यू के बारे में अपडेट लेते रहे।

गगल एयरपोर्ट पर लैंड कराए बिना लौटाया विमान
कांगड़ा जिले में धारा 144 के चलते रविवार सुबह गगल एयरपोर्ट पर एयर इंडिया का विमान लैंड करवाए बिना ही वापस भेज दिया। एयरपोर्ट के निदेशक किशोर शर्मा ने कहा कि एयर इंडिया का विमान दिल्ली से गगल आ रहा था, लेकिन जिला प्रशासन अधिकारी के आदेशों को ध्यान में रखते हुए विमान को लैंड करने की अनुमति नहीं दी गई। इसके चलते विमान को दिल्ली वापस भेज दिया गया।

जनता कर्फ्यू के बीच कालका-शिमला रेल मार्ग बंद रहा। यहां रेलों की आवाजाही नहीं हुई। रेलमार्ग पर रोजाना करीब एक दर्जन रेलगाडि़यां कालका और शिमला के बीच सफर करती हैं। इनमें सैकड़ों यात्री अपने गंतव्यों तक पहुंचते हैं। जनता कर्फ्यू के दौरान रेलवे ने मार्ग को बंद रखने का निर्णय लिया है। इसका रविवार को पूरी तरह पालन किया गया। उपायुक्त केसी चमन ने बताया कि यातायात के सभी साधन पूरी तरह बंद रखे गए हैं, जिनमें रेलवे भी शामिल है।

जनता कर्फ्यू का व्यापक असर कालका-शिमला नेशनल हाइवे पर भी देखने को मिला है। पर्यटकों से गुलजार रहने वाले इस हाइवे पर रविवार को एक भी गाड़ी नहीं दिखी। सिर्फ पुलिस की गाडि़यां लोगों को जागरूक करते नजर आईं। कालका-शिमला नेशनल हाइवे पर रोजाना छोटी-बड़ी दस हजार गाडि़यां गुजरती हैं, लेकिन रविवार को सुबह से ही पूरा नेशनल हाइवे खाली रहा। सभी तरह की परिवहन सेवाओं के अलावा निजी वाहन भी हाइवे पर नहीं उतरे।
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देहरा में निजी स्कूल खुला रहने पर एफआईआर

कोरोना की गंभीरता को देखते हुए कांगड़ा जिले में धारा-144 लगाई गई है।  डीसी राकेश प्रजापति ने जिले में सभी स्कूल बंद करने के आदेश दिए थे। उपमंडल देहरा में एक निजी स्कूल खुला रहा और सैकड़ों विद्यार्थियों की परीक्षाएं ली गईं। एसडीएम धनबीर ठाकुर ने बताया कि निजी स्कूल पर एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में यह प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है।

बताया कि क्षेत्र में एक निजी स्कूल खुलने की जानकारी मिलते ही उन्होंने डीएसपी आरएस राणा के साथ स्कूल में दबिश दी। तुरंत स्कूल को बंद करवाया गया और बसों की व्यवस्था कर बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाया गया। बताया कि सरकार के 31 मार्च तक स्कूल बंद करने के आदेशों को भी स्कूल ने नहीं माना था।

पहले भी उन्होंने 16 मार्च को स्वयं स्कूल जाकर इसे बंद करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद यह स्कूल खुला रहा। इसकी शिकायत प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव एवं निदेशक प्राथमिक शिक्षा से भी की गई है। स्कूल शिक्षा बोर्ड एवं निदेशक प्राथमिक शिक्षा से भी उचित कार्रवाई की मांग की है।
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