सरकार के उद्योग विभाग को ऐसे उद्योग लगाने चाहिएं, जिनमें मक्की से उत्पाद तैयार हों और मक्की की खपत भी बढ़े। इससे आय के साधन बढ़ेंगे वहीं किसानों को सही दाम भी मिलेंगे। यह बात बिलासपुर सदर विस क्षेत्र के चांदपुर में जनमंच में योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने कही। धवाला ने कहा कि इस वर्ष मक्की के दाम 1200 रुपये प्रति क्विंटल कम मिलने से किसानों को मायूसी हाथ लगी है।
गत वर्ष मक्की का दाम 2200 रुपये प्रति क्विंटल थे, जो कि इस वर्ष 1000 रुपये पहुंच गए। धवाला ने कहा कि जहां पॉपकॉर्न के दाम आसमान छूते हैं, वहीं मक्की के दाम न के बराबर हैं। अगर प्रदेश का उद्योग मंत्रालय ऐसे उद्योग लगाने की पहल करता है, जिनमें मक्की से उत्पाद तैयार हों तो किसानों के साथ प्रदेश की आर्थिकी सुदृढ़ होगी।
उन्होंने कहा कि उद्योग मंत्री को सुझाव दिया था कि मक्की से बीयर तैयार होती है। अगर प्रदेश में सरकार ऐसे उद्योग लगाती है तो मक्की की खपत होगी और किसानों को लाभ होगा। वहीं उन्होंने युवाओं से कहा कि रोजगार के लिए कृषि, डेयरी फार्म व अन्य क्षेत्र में युवा हाथ आजमाएं।