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नर्स मामले में विभागीय जांच शुरू, तीन दिन में रिपोर्ट तलब

Thu, 18 Jan 2018 12:08 PM IST
अखिलेश महाजन, अमर उजाला ब्यूरो, मंडी
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मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र सिराज के सिविल अस्पताल जंजैहली में नर्स को समय पर पुलिस सहायता न देने के मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई है। एसपी मंडी ने डीएसपी करसोग को जांच का जिम्मा सौंप कर तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है। इमरजेंसी नंबरों पर तत्काल फोन उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कड़े निर्देश जारी हो गए हैं।

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वहीं स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार द्वारा मामले की रिपोर्ट तलब करने से विभाग में हड़कंप मच गया। बुधवार दिनभर महकमे में बैठकों का दौर चलता रहा। जंजैहली बीएमओ कार्यालय में सिलसिलेवार कई बैठकें चलीं और घटना से जुड़े पहलुओं को जानने की कोशिश की गई।

इस दौरान एमओ इंचार्ज डॉ. दूनी चंद ने बीएमओ को रिपोर्ट सौंपी। साथ ही रात की पाली जारी रखने की बात कही। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा देने की सिफारिश की। इस बीच चार बजे के बाद शाम को शिकायतकर्ता नर्स से भी कार्यालय में बुलाकर पूछताछ की गई।
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उधर, मंडी के एसपी अशोक कुमार ने कहा कि बुधवार सुबह ही मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पुलिस महकमा यह भी सुनिश्चित करेगा कि जन सुविधा को जारी किए गए आपात नंबरों पर कॉल अटेंड कर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

लीपापोती की कोशिशें तेज
सूत्रों ने बताया कि नर्स के साथ बदसलूकी के बावजूद सुरक्षा मुहैया न कराने के मामले पर लीपापोती की कोशिशें तेज हो गई हैं। बुधवार को इसी मामले को लेकर आयोजित बैठकों में इस आशय पर जोर भी दिया गया। दोनों पक्षों में समझौता कर मामले को रफादफा करने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। 

यह था मामला
सीएम के गृह क्षेत्र जंजैहली नागरिक अस्पताल में तीमारदार युवकों पर हंगामा करने और अस्पताल को जलाने की धमकी देने के आरोप लगे थे। महिला स्वास्थ्य कर्मी ने ड्यूटी डायरी में वार्ड सिस्टर के नाम लिखे नोट में उक्त आरोप लगाने के साथ कहा कि वह रात भर लैंडलाइन, 100 नंबर और निर्भया हेल्पलाइन के नंबरों पर सुरक्षा की गुहार लगाती रही, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। 

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अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा पर रहेगा खास ध्यान

स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार - फोटो : File Photo
स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा है कि जंजैहली अस्पताल में नर्स के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले में सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। जिन लोगों ने गलत व्यवहार किया, उन्होंने इस नर्स से माफी भी मांग ली है। राज्य सरकार अस्पतालों में महिला कर्मचारियों समेत सभी कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

सीएम के गृह क्षेत्र सिराज के सिविल अस्पताल में युवकों के हंगामे और नर्स से बदसलूकी के बाद अब प्रदेश सरकार अब छोटे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की सुरक्षा कड़ी करने जा रही है।

प्रदेश में 30 बिस्तर क्षमता वाले अस्पतालों से लेकर सीएचसी और पीएचसी में तैनात स्टाफ को निजी सुरक्षा मिलेगी। सरकार ने इन केंद्रों की सुरक्षा का जिम्मा निजी सिक्योरिटी एजेंसियों को सौंपने का फैसला लिया है।

स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार का कहना है कि भविष्य में इस तरह की कोई घटना न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा। वर्तमान में बड़े अस्पतालों में ही सुरक्षा मुहैया करवाई गई है। अब तीस बिस्तर क्षमता के अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
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