हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2022 अंत तक हर घर को नल मिलेगा। प्रदेश सरकार जल जीवन मिशन पर 1500 करोड़ व्यय करेगी। अभी तक प्रदेश में कुल 8.35 लाख कनेक्शन दिए गए हैं। पिछले 72 साल में 7.63 हजार नल दिए गए। जनवरी, 2022 तक 17.28 लाख ग्रामीण परिवारों को 15.79 लाख पेयजल कनेक्शन दिए हैं। योजना के तहत प्रदेश को चौथी किस्त मिल चुकी है। प्रदेश में विद्यमान सिंचाई योग्य 3.35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में से अब तक 1.87 लाख हेक्टेयर क्लचरेबल कमांड एरिया(सीसीए) का निर्माण किया जा चुका है। वर्ष 2022-23 में नौ हजार हेक्टेयर सीसीए की अतिरिक्त वृद्धि की जाएगी। छह हजार 500 हेक्टेयर सीसीए के लिए क्षेत्र का विकास होगा।
किसानों को कम से कम समय में प्रभारी सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। 65 करोड़ से एम्स और इंजीनियरिंग कॉलेज की पेयजल योजना बनेगी। 110 करोड़ से टाकखोला पेयजल योजना, 121 करोड़ से सिराज बालीचौकी पेयजल योजना, 147 करोड़ की कमलाह-मंडप योजना और 56 करोड़ से डलहौज सलूणी योजना से करीब 1.25 लाख आबादी को लाभ मिलेगा। भुंतर में 6.11 करोड़ से 256 हेक्टेयर भूमि, 9.97 करोड़ से 417 हेक्टेयर, 2. 31 करोड़ से कुल्लू में 93 हेक्टेयर, भूमि और 2.55 करोड़ से 120 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा मिलेगी। 20 करोड़ से कालाअंब, 14.51 करोड़ से त्रिलोकपुर, 13.88 करोड़ परवाणू जोन-एक, 4.81 करोड़ ठियोग, 2.81 करोड़ कोटखाई, 2.11 करोड़ से सुन्नी मल निकासी पर व्यय होंगे। इसके अलावा पेयजल गुणवत्ता निगरानी के लिए 70 टेस्ट होंगे।