हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को शोकोद्गार प्रस्ताव से हुई। इसमें उन पूर्व विधायकों को याद किया गया, जिनका हाल ही में देहांत हुआ है। शोकोद्गार प्रस्ताव की शुरुआत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के वक्तव्य से हुई। इसमें उन्होंने पंडित शिवलाल, विद्यासागर और शिवकुमार उपमन्यु के देहांत पर शोक वक्तव्य पेश किया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मौके पर कहा कि पंडित शिवलाल ने उनके खिलाफ चुनाव लड़ा था तो उन्हें कड़ी टक्कर दी थी।
उनके साथ जीत का बहुत कम मार्जन रहा था। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, बरसात से हिमाचल में मारे गए लोगों, हाल ही में कुमारहट्टी में भवन गिरने से सैन्य जवानों की मृत्यु होने पर भी शोक जताया। विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार, राकेश सिंघा, सुखविंद्र सिंह सुक्खू आदि के अलावा स्पीकर डा. राजीव बिंदल ने भी खुद को शोक प्रस्ताव में शामिल किया।
जरियाल ने विधायक पद्मा सिंह के देहांत को भी याद करवाया
भटियात के भाजपा विधायक विक्रम सिंह जरियाल ने चंबा की विधायक पद्मा सिंह के दो साल पूर्व हुए देहांत को भी याद करवाया। स्पीकर डा. राजीव बिंदल ने कहा कि विक्रम सिंह जरियाल ने उनके ध्यान में यह मामला लाया है कि 29 अगस्त 2017 को विधायक पद्मा सिंह का देहांत हो गया था, मगर किन्हीं कारणों से सदन में उनका शोकोद्गार नहीं हो सका। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत सदन के सभी प्रमुख सदस्यों को इस शोकोद्गार में शामिल माना जाए।